चित्तौड़गढ़: बेगूं उपखंड के काटूंदा माध्यमिक विद्यालय में एक बार फिर प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल के खेल मैदान में स्थित विद्युत पोल में अचानक हुई भयंकर स्पार्किंग ने स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। चिंगारियों की वजह से आसपास की सूखी घास और पौधों में आग लग गई, जिसे स्कूल स्टॉफ ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते बुझा लिया।
विद्यालय परिसर के भीतर ही बिजली के पोल और झूलते तारों का अंबार लगा है। चिंता की बात यह है कि ये पोल कक्षाओं और शौचालय के बिल्कुल समीप हैं, जहां बच्चों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। घटना के समय गनीमत यह रही कि पोल के पास कोई छात्र मौजूद नहीं था, वरना परिणाम घातक हो सकते थे।
शिकायतों पर पसरा सन्नाटा
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि वे इस ‘मौत के जाल’ से वाकिफ हैं और इसे हटाने के लिए कई बार विद्युत निगम और स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायतें दे चुके हैं। विद्यालय की मांग है कि इन पोलों को चारदीवारी के बाहर स्थानांतरित किया जाए।
लेकिन विभागीय सुस्ती के कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? शिक्षा के मंदिर में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, न कि कागजी कार्यवाहियों में अटकी रहनी चाहिए।


