खैरथल-तिजारा जिले में मंगलवार को जिलेभर के विद्यालयों में “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे” के तहत कानूनी साक्षरता एवं संवेदीकरण शिविरों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खैरथल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेंद्र व्यास के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। साइबर अपराधों को लेकर जताई चिंता शिविर को संबोधित करते हुए न्यायाधीश व्यास ने तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताई और विद्यार्थियों को साइबर दुर्व्यवहार के खतरों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को अपमानित करना, धमकाना या परेशान करना साइबर दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि आज बदमाशी केवल स्कूल तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्हाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम कमेंट, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉल तक पहुंच चुकी है, जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और पढ़ाई पर गहरा असर पड़ता है। फर्जी अकाउंट्स और साइबर बुलिंग से सावधान रहने की सलाह व्यास ने विद्यार्थियों को चेताया कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट, फोटो या एडिटेड वीडियो कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोगों तक पहुंच सकते हैं, जिससे शर्मिंदगी और भावनात्मक तनाव बढ़ता है। उन्होंने फर्जी अकाउंट,पहचान की नकल और क्लास ग्रुप में साइबर बुलिंग जैसे मामलों से सावधान रहने की सलाह दी। इसी क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रणवीर सिंह ने पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बास कृपाल नगर में आयोजित शिविर में बच्चों को साइबर अपराध के विभिन्न रूपों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फेक प्रोफाइल बनाना, निजी फोटो साझा करना,अपमानजनक मीम,धमकी भरे संदेश, ऑनलाइन पीछा करना और ब्लैकमेल जैसे अपराध गंभीर हैं और कानूनन दंडनीय हैं। कई गंभीर मामलों को लेकर किया जागरूक उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों जैसे एकाग्रता में कमी, नींद की समस्या, चिड़चिड़ापन और अवसाद की जानकारी दी। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग के खतरों,बाल अश्लील सामग्री और यौन शोषण जैसे गंभीर विषयों पर बच्चों को जागरूक किया। हेल्पलाइन नंबर याद रखने की अपील विद्यार्थियों को सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी याद रखने को कहा गया—1098 (चाइल्ड लाइन), 112 (आपातकालीन पुलिस सहायता) और 1930 (साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन)। जिले के अन्य स्कूल किशनगढ़बास,गंज,मुण्डावर,कोटकासिम,तिजारा और भिवाड़ी क्षेत्र में भी न्यायिक अधिकारियों द्वारा शिविर आयोजित कर साइबर सुरक्षा और कानूनी जागरूकता का संदेश दिया गया। “कोट वाली दीदी” बनी छात्रों की सहारा कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान हेतु “कोट वाली दीदी” नामक परामर्श एवं शिकायत पेटी स्थापित की गई। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी शिकायतें और सुझाव गोपनीय रूप से दे सकेंगे,जिनका शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। इस अवसर पर न्यायिक कर्मचारी, विद्यालय स्टाफ, पीएलवी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


