Maharashtra training Love jihad: सोशल मीडिया के दुरुपयोग और सांप्रदायिक साजिशों के बीच महाराष्ट्र के नंदुरबार शहर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। दरअसल, आरोप है कि यहां पर व्हाट्सएप के माध्यम से ‘लव जिहाद’ जैसे एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए बकायदा ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब शहर का ही एक युवा इस ग्रुप का विरोध किया। बता दें कि ग्रुप से बाहर होते ही उस युवक को जान से मारने की धमकी मिलने लगी, जिसके बाद उसने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
आपको बता दें कि इस ग्रुप को उजागर करने वाले शिकायतकर्ता का नाम नायब कुरैशी है, जो कि नंदुरबार शहर का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उसे एक अज्ञात व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। शुरुआत में उसे लगा कि यह कोई सामान्य ग्रुप है, लेकिन जल्द ही उसे ग्रुप के भीतर साझा किए जा रहे कंटेंट की भयावहता का अहसास हुआ। आरोप है कि इस ग्रुप में विशेष रूप से ‘लव जिहाद’ के तरीकों, युवतियों को जाल में फंसाने की रणनीतियों और इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत चर्चा और ‘ट्रेनिंग’ दी जा रही थी।
ग्रुप छोड़ते ही मिली ‘मौत की धमकी’
नायब कुरैशी ने पुलिस से बताया कि पहले वह ग्रुप में जुड़ा हुआ था, लेकिन जैसे ही उसे पता लगा कि इस ग्रुप के लोगों का इरादा खतरनाक है वैसे उसने उस ग्रुप को छोड़ दिया। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। ग्रुप छोड़ते ही ग्रुप एडमिन और अन्य सदस्यों की ओर से कुरैशी को लगातार धमकी भरे फोन आने लगे। उन्हें ग्रुप छोड़ने के लिए गंभीर परिणाम भुगतने और ‘जान से मारने’ तक की धमकियां दी गईं। आरोपी फोन कॉल्स के जरिए युवक पर मानसिक दबाव बना रहे थे और उसे डराने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर नायब कुरैशी ने हिम्मत दिखाई और नंदुरबार शहर पुलिस स्टेशन पहुँचकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने मामले की पूरी जानकारी देते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के सामने मुख्य चुनौतियां
पुलिस इस मामले में व्हाट्सएप ग्रुप के पीछे मौजूद मुख्य मास्टरमाइंड की पहचान करने और उसके नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी गहराई से जांच कर रही है। इसके साथ ही डिजिटल सबूत के तौर पर व्हाट्सएप चैट और धमकी भरे फोन कॉल्स के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की सटीक पहचान की जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह मामला सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित है या फिर किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।
सावधानी की अपील
नंदुरबार पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात सोशल मीडिया ग्रुप में जुड़ने से बचें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी और डिजिटल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


