शेखपुरा में पैक्स अध्यक्षों और व्यापार मंडल के अध्यक्षों तथा उनके प्रबंधकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन जिलाधिकारी शेखर आनंद ने किया। इस अवसर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रवीण कुमार सिन्हा सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी और जिले भर के पैक्स तथा व्यापार मंडल के अध्यक्ष व प्रबंधक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारी संस्थान पैक्स और व्यापार मंडल केवल धान खरीदने वाली संस्थाएं नहीं हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराने का भरपूर अवसर है। उन्होंने पैक्स अध्यक्षों और व्यापार मंडल अध्यक्षों को अपनी सहकारी संस्थाओं का पूरा विस्तार करने की सलाह दी। सरकारी संस्थाओं के विस्तार की असीम संभावनाएं डीएम ने बताया कि ग्रासरूट स्तर पर स्थित इन सरकारी संस्थाओं के विस्तार की असीम संभावनाएं हैं। धान और गेहूं की अधिप्राप्ति के साथ-साथ पैक्स के माध्यम से किसानों को फिलहाल सरकारी दर पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, इसे सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के सुगम उपाय के तहत और भी बहुत प्रकार की सेवाएं प्रदान करने का अवसर है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से रेलवे और हवाई टिकट के साथ-साथ सभी प्रकार के भूमि संबंधी लगान रसीद आदि काटने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की तर्ज पर कार्य करने की संभावना जताई। यह स्थानीय स्तर पर सरकारी कार्यों के विकेंद्रीकरण का एक प्रमुख मंच है। संपादित किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से बताया जिलाधिकारी ने कार्यशाला में उपस्थित सभी अध्यक्षों और प्रबंधकों को विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त सभी जानकारी को अपनी संस्था के विस्तार के लिए प्रयोग करने की सलाह दी। जिला मुख्यालय स्थित एक निजी सभागार में सहकारिता विभाग के विशेषज्ञों ने सहकारी संस्थाओं के विकेंद्रीकरण और उनके द्वारा संपादित किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पैक्स और व्यापार मंडल के कार्यों का सही-सही संधारण करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से कार्य संपादित करने के बारे में भी जानकारी साझा की। शेखपुरा में पैक्स अध्यक्षों और व्यापार मंडल के अध्यक्षों तथा उनके प्रबंधकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन जिलाधिकारी शेखर आनंद ने किया। इस अवसर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रवीण कुमार सिन्हा सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी और जिले भर के पैक्स तथा व्यापार मंडल के अध्यक्ष व प्रबंधक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारी संस्थान पैक्स और व्यापार मंडल केवल धान खरीदने वाली संस्थाएं नहीं हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराने का भरपूर अवसर है। उन्होंने पैक्स अध्यक्षों और व्यापार मंडल अध्यक्षों को अपनी सहकारी संस्थाओं का पूरा विस्तार करने की सलाह दी। सरकारी संस्थाओं के विस्तार की असीम संभावनाएं डीएम ने बताया कि ग्रासरूट स्तर पर स्थित इन सरकारी संस्थाओं के विस्तार की असीम संभावनाएं हैं। धान और गेहूं की अधिप्राप्ति के साथ-साथ पैक्स के माध्यम से किसानों को फिलहाल सरकारी दर पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, इसे सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के सुगम उपाय के तहत और भी बहुत प्रकार की सेवाएं प्रदान करने का अवसर है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से रेलवे और हवाई टिकट के साथ-साथ सभी प्रकार के भूमि संबंधी लगान रसीद आदि काटने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की तर्ज पर कार्य करने की संभावना जताई। यह स्थानीय स्तर पर सरकारी कार्यों के विकेंद्रीकरण का एक प्रमुख मंच है। संपादित किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से बताया जिलाधिकारी ने कार्यशाला में उपस्थित सभी अध्यक्षों और प्रबंधकों को विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त सभी जानकारी को अपनी संस्था के विस्तार के लिए प्रयोग करने की सलाह दी। जिला मुख्यालय स्थित एक निजी सभागार में सहकारिता विभाग के विशेषज्ञों ने सहकारी संस्थाओं के विकेंद्रीकरण और उनके द्वारा संपादित किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पैक्स और व्यापार मंडल के कार्यों का सही-सही संधारण करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से कार्य संपादित करने के बारे में भी जानकारी साझा की।


