सदर प्रखंड के चांदपूरा पंचायत स्थित राजकीय +2 विद्यालय, चांदपूरा में गुरुवार को विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों का तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में संकुल क्षेत्र के सात विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 3 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना था। साथ ही, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान बच्चों की वर्ग-सापेक्ष दक्षता बढ़ाने, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें फिर से विद्यालय से जोड़ने और विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विद्यालयों के नियमित एवं समयबद्ध संचालन, पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यालय विकास योजना के बेहतर कार्यान्वयन पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रशिक्षकों कुमारी पूजा और प्रेम कुमार ने किशोरी स्वास्थ्य योजना तथा विद्यालय शिक्षा समिति की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सदस्यों से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम प्रधानाध्यापक अनिल कुमार चौधरी की देखरेख में आयोजित किया गया। समापन अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में नामांकन अभियान को गति देने, छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। सदर प्रखंड के चांदपूरा पंचायत स्थित राजकीय +2 विद्यालय, चांदपूरा में गुरुवार को विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों का तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में संकुल क्षेत्र के सात विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 3 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना था। साथ ही, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान बच्चों की वर्ग-सापेक्ष दक्षता बढ़ाने, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें फिर से विद्यालय से जोड़ने और विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विद्यालयों के नियमित एवं समयबद्ध संचालन, पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यालय विकास योजना के बेहतर कार्यान्वयन पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रशिक्षकों कुमारी पूजा और प्रेम कुमार ने किशोरी स्वास्थ्य योजना तथा विद्यालय शिक्षा समिति की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सदस्यों से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम प्रधानाध्यापक अनिल कुमार चौधरी की देखरेख में आयोजित किया गया। समापन अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में नामांकन अभियान को गति देने, छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।


