अररिया में भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण 23 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 तक तीन बैचों में चलेगा। अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना अधिकारी अररिया, अनिल कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अनिल कुमार झा ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके प्रथम चरण में 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक स्व-गणना की व्यवस्था रहेगी। इस दौरान नागरिक 33 सवालों का अपना डेटा पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। स्व-गणना के बाद, 02 मई से 31 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। झा ने फील्ड प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझें। उन्होंने जोर दिया कि फील्ड में कार्य करते समय पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। क्योंकि वे ही प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य जिले में सफलतापूर्वक और सटीकता के साथ समय पर पूरा किया जाना चाहिए, जिसमें किसी भी त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान, जिले के मास्टर ट्रेनर सुबोध कुमार (सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अररिया) और जनगणना कार्य निदेशालय बिहार पटना से नामित अधिकारी पंकज कुमार एवं अभिषेक कुमार वर्मा ने भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 का प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना शामिल है, 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक चलेगा। उन्होंने स्व-गणना की अवधि 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक होने की बात भी दोहराई और प्रशिक्षकों को गंभीरता से प्रशिक्षण लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। अररिया में भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण 23 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 तक तीन बैचों में चलेगा। अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना अधिकारी अररिया, अनिल कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अनिल कुमार झा ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके प्रथम चरण में 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक स्व-गणना की व्यवस्था रहेगी। इस दौरान नागरिक 33 सवालों का अपना डेटा पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। स्व-गणना के बाद, 02 मई से 31 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। झा ने फील्ड प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझें। उन्होंने जोर दिया कि फील्ड में कार्य करते समय पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। क्योंकि वे ही प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य जिले में सफलतापूर्वक और सटीकता के साथ समय पर पूरा किया जाना चाहिए, जिसमें किसी भी त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान, जिले के मास्टर ट्रेनर सुबोध कुमार (सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अररिया) और जनगणना कार्य निदेशालय बिहार पटना से नामित अधिकारी पंकज कुमार एवं अभिषेक कुमार वर्मा ने भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 का प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना शामिल है, 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक चलेगा। उन्होंने स्व-गणना की अवधि 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक होने की बात भी दोहराई और प्रशिक्षकों को गंभीरता से प्रशिक्षण लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।


