सहरसा में बढ़ती यातायात समस्या और जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार से प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था शुरू कर दी है। हालांकि, 20 सेकंड की कम टाइमिंग के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत थाना चौक, कचहरी ढाला, सुभाष चौक, वीर कुंवर सिंह चौक और तिवारी टोला चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और दैनिक जाम से लोगों को राहत दिलाना है। चालकों को अभी भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा ट्रैफिक सिग्नल शुरू होने के बाद से पुलिस प्रशासन भी सक्रिय है। विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात कर वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से यातायात में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन वाहन चालकों को अभी भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों के लिए मुख्य परेशानी सिग्नल की 20 सेकंड की कम टाइमिंग है। इस छोटी अवधि के कारण एक बार में बहुत कम वाहन ही चौक पार कर पाते हैं, जिससे अक्सर सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कई चालकों का कहना है कि हरा सिग्नल होने पर भी सभी गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पातीं और उन्हें दोबारा लाल सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है। एक सिग्नल पार करते ही दूसरा सिग्नल आ जाता इसके अतिरिक्त, थाना चौक और वीर कुंवर सिंह चौक के बीच की दूरी कम होने के कारण एक सिग्नल पार करते ही दूसरा सिग्नल आ जाता है। कम टाइमिंग के चलते वाहन चालकों को बार-बार रुकना पड़ रहा है, जिससे यात्रा में अधिक समय लगता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग बढ़ाई जाए और इसे चौक-चौराहों की दूरी के अनुसार समायोजित किया जाए। ट्रैफिक थानाध्यक्ष रामाशंकर ने बताया कि शहर में ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि टाइमिंग को लेकर वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि रेलवे ढाला बंद होने के समय यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। सहरसा में बढ़ती यातायात समस्या और जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार से प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था शुरू कर दी है। हालांकि, 20 सेकंड की कम टाइमिंग के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत थाना चौक, कचहरी ढाला, सुभाष चौक, वीर कुंवर सिंह चौक और तिवारी टोला चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और दैनिक जाम से लोगों को राहत दिलाना है। चालकों को अभी भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा ट्रैफिक सिग्नल शुरू होने के बाद से पुलिस प्रशासन भी सक्रिय है। विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात कर वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से यातायात में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन वाहन चालकों को अभी भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों के लिए मुख्य परेशानी सिग्नल की 20 सेकंड की कम टाइमिंग है। इस छोटी अवधि के कारण एक बार में बहुत कम वाहन ही चौक पार कर पाते हैं, जिससे अक्सर सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कई चालकों का कहना है कि हरा सिग्नल होने पर भी सभी गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पातीं और उन्हें दोबारा लाल सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है। एक सिग्नल पार करते ही दूसरा सिग्नल आ जाता इसके अतिरिक्त, थाना चौक और वीर कुंवर सिंह चौक के बीच की दूरी कम होने के कारण एक सिग्नल पार करते ही दूसरा सिग्नल आ जाता है। कम टाइमिंग के चलते वाहन चालकों को बार-बार रुकना पड़ रहा है, जिससे यात्रा में अधिक समय लगता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग बढ़ाई जाए और इसे चौक-चौराहों की दूरी के अनुसार समायोजित किया जाए। ट्रैफिक थानाध्यक्ष रामाशंकर ने बताया कि शहर में ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि टाइमिंग को लेकर वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि रेलवे ढाला बंद होने के समय यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है।


