किशनगंज शहर के पश्चिम पल्ली इलाके में भीषण ट्रैफिक जाम से राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं। इमली गोला चौक से मारवाड़ी कॉलेज तक सड़क पर लंबा जाम लग रहा है, जिससे सामान्य दूरी तय करने में आधे से एक घंटे का समय लग रहा है। यह समस्या विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में गंभीर हो जाती है, जब स्कूल-कॉलेज के छात्र, दुकानदार और कार्यालय जाने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मार्ग पर जाम का मुख्य कारण ई-रिक्शा (टोटो), ऑटो और छोटे वाहनों की बढ़ती संख्या और उनकी मनमानी पार्किंग है। कई स्थानों पर दुकानदारों ने फुटपाथ और सड़क के किनारे अतिक्रमण कर लिया है, जिससे वाहनों की आवाजाही के लिए जगह संकरी हो गई है। मारवाड़ी कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क संकरी इमली गोला चौक एक व्यस्त चौराहा है। यहां से मारवाड़ी कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क संकरी है और बाजार क्षेत्र से जुड़ी हुई है, जिससे ट्रैफिक का बोझ बढ़ जाता है। स्कूल-कॉलेज के समय छात्रों की भीड़, बाजार आने वाले ग्राहक और रोजमर्रा के वाहन एक साथ जमा हो जाते हैं। 2025 में 2 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला किशनगंज में ट्रैफिक जाम की समस्या नई नहीं है। शहर के मुख्य बाजार, डे मार्केट चौक, कलटैक्स चौक और अन्य इलाकों में भी ऐसी स्थिति बनी रहती है। हाल के महीनों में पुलिस ने यातायात नियमों पर सख्ती बरतते हुए 2025 में 2 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला है, जिससे कुछ हद तक सुधार दिखा है। हालांकि, पश्चिम पल्ली जैसे इलाकों में अभी भी अव्यवस्था बरकरार है। जाम के कारण एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंसती स्थानीय लोगों का कहना है कि ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही, गलत दिशा में चलना और बिना पार्किंग के सड़क पर रुकना प्रमुख कारण हैं। इसके अतिरिक्त, सड़क की अपर्याप्त चौड़ाई और ट्रैफिक सिग्नल या पुलिसकर्मियों की कमी से भी समस्या बढ़ जाती है। राहगीरों ने बताया कि जाम के कारण एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंस जाती हैं, जिससे आपातकालीन स्थितियों में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “हर दिन 10-15 मिनट की दूरी में 45 मिनट लग जाते हैं। प्रशासन को अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाने की जरूरत है।” मारवाड़ी कॉलेज के छात्रों ने भी शिकायत की कि कॉलेज पहुंचने में देरी से क्लास प्रभावित होती है। किशनगंज शहर के पश्चिम पल्ली इलाके में भीषण ट्रैफिक जाम से राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं। इमली गोला चौक से मारवाड़ी कॉलेज तक सड़क पर लंबा जाम लग रहा है, जिससे सामान्य दूरी तय करने में आधे से एक घंटे का समय लग रहा है। यह समस्या विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में गंभीर हो जाती है, जब स्कूल-कॉलेज के छात्र, दुकानदार और कार्यालय जाने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मार्ग पर जाम का मुख्य कारण ई-रिक्शा (टोटो), ऑटो और छोटे वाहनों की बढ़ती संख्या और उनकी मनमानी पार्किंग है। कई स्थानों पर दुकानदारों ने फुटपाथ और सड़क के किनारे अतिक्रमण कर लिया है, जिससे वाहनों की आवाजाही के लिए जगह संकरी हो गई है। मारवाड़ी कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क संकरी इमली गोला चौक एक व्यस्त चौराहा है। यहां से मारवाड़ी कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क संकरी है और बाजार क्षेत्र से जुड़ी हुई है, जिससे ट्रैफिक का बोझ बढ़ जाता है। स्कूल-कॉलेज के समय छात्रों की भीड़, बाजार आने वाले ग्राहक और रोजमर्रा के वाहन एक साथ जमा हो जाते हैं। 2025 में 2 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला किशनगंज में ट्रैफिक जाम की समस्या नई नहीं है। शहर के मुख्य बाजार, डे मार्केट चौक, कलटैक्स चौक और अन्य इलाकों में भी ऐसी स्थिति बनी रहती है। हाल के महीनों में पुलिस ने यातायात नियमों पर सख्ती बरतते हुए 2025 में 2 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला है, जिससे कुछ हद तक सुधार दिखा है। हालांकि, पश्चिम पल्ली जैसे इलाकों में अभी भी अव्यवस्था बरकरार है। जाम के कारण एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंसती स्थानीय लोगों का कहना है कि ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही, गलत दिशा में चलना और बिना पार्किंग के सड़क पर रुकना प्रमुख कारण हैं। इसके अतिरिक्त, सड़क की अपर्याप्त चौड़ाई और ट्रैफिक सिग्नल या पुलिसकर्मियों की कमी से भी समस्या बढ़ जाती है। राहगीरों ने बताया कि जाम के कारण एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंस जाती हैं, जिससे आपातकालीन स्थितियों में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “हर दिन 10-15 मिनट की दूरी में 45 मिनट लग जाते हैं। प्रशासन को अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाने की जरूरत है।” मारवाड़ी कॉलेज के छात्रों ने भी शिकायत की कि कॉलेज पहुंचने में देरी से क्लास प्रभावित होती है।


