सुपौल जिले के राघोपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 131 (पूर्व में एनएच-106) पर निर्मित नया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब पूरी तरह तैयार हो गया है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस महत्वपूर्ण आरओबी पर सड़क मार्किंग सहित सभी अंतिम कार्य पूरे कर लिए गए हैं। एनएचएआई डिवीजन मधेपुरा के सूत्रों के अनुसार 23 फरवरी, सोमवार से इस पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस ओवरब्रिज के चालू होने से राघोपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलेगी। अब वाहन चालकों को फाटक बंद होने पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी पुल के शीघ्र चालू होने पर खुशी जताई है। पुनर्निर्माण पर 675 करोड़ किए गए खर्च जानकारी के अनुसार भीमनगर (नेपाल बॉर्डर) से उदाकिशनगंज तक जाने वाली करीब 106 किलोमीटर लंबी सड़क के पुनर्निर्माण पर लगभग 675 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस पूरी परियोजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में यातायात को सुचारु बनाना और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करना है। परियोजना के तहत राघोपुर और मानिकपुर में दो रेलवे ओवरब्रिज के अलावा कई छोटे-बड़े पुलों का भी निर्माण कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरओबी का तकनीकी निरीक्षण पूरा कर लिया गया है और सुरक्षा मानकों की भी जांच कर ली गई है। अंतिम स्वीकृति के बाद इसे आम वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। राघोपुर बाजार में जाम की समस्या होगी खत्म स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों का मानना है कि पुल के शुरू होते ही राघोपुर बाजार और आसपास के इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और आवागमन को भी नई गति मिलेगी। सुपौल जिले के राघोपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 131 (पूर्व में एनएच-106) पर निर्मित नया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब पूरी तरह तैयार हो गया है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस महत्वपूर्ण आरओबी पर सड़क मार्किंग सहित सभी अंतिम कार्य पूरे कर लिए गए हैं। एनएचएआई डिवीजन मधेपुरा के सूत्रों के अनुसार 23 फरवरी, सोमवार से इस पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस ओवरब्रिज के चालू होने से राघोपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलेगी। अब वाहन चालकों को फाटक बंद होने पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी पुल के शीघ्र चालू होने पर खुशी जताई है। पुनर्निर्माण पर 675 करोड़ किए गए खर्च जानकारी के अनुसार भीमनगर (नेपाल बॉर्डर) से उदाकिशनगंज तक जाने वाली करीब 106 किलोमीटर लंबी सड़क के पुनर्निर्माण पर लगभग 675 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस पूरी परियोजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में यातायात को सुचारु बनाना और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करना है। परियोजना के तहत राघोपुर और मानिकपुर में दो रेलवे ओवरब्रिज के अलावा कई छोटे-बड़े पुलों का भी निर्माण कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरओबी का तकनीकी निरीक्षण पूरा कर लिया गया है और सुरक्षा मानकों की भी जांच कर ली गई है। अंतिम स्वीकृति के बाद इसे आम वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। राघोपुर बाजार में जाम की समस्या होगी खत्म स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों का मानना है कि पुल के शुरू होते ही राघोपुर बाजार और आसपास के इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और आवागमन को भी नई गति मिलेगी।


