बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में सरस्वती पूजा पर ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी। जिला प्रशासन ने 25 जनवरी तक शहर में व्यापक यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में तीन पहिया, चार पहिया और टोटो जैसे छोटे सवारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है। इनमें भराव मोड़ से पोस्ट ऑफिस मोड़ होते हुए नबाब रोड, बिचली खंदक मोड़ से बनौलिया महलपर और सोगरा कॉलेज से बाबा मणिराम अखाड़ा तक के मार्ग शामिल है। इसके अलावा कुमार सिनेमा से धनेश्वर घाट, भैंसासूर मोड़ से आलमगंज और मोगलकुआं मस्जिद से बसारविगहा की ओर जाने वाले रास्तों पर भी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वैकल्पिक मार्ग और डायवर्सन प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। बरबीघा-शेखपुरा से पटना जाने वाली सवारी बसें अब नकटपुरा बायपास, सोहसराय हाल्ट मोड़ और पचासा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। बड़े वाहन, मिनी बस, ट्रक और ट्रैक्टरों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बरबीघा और अस्थावां की ओर जाने वाले वाहन आदर्श हाई स्कूल के सामने स्थित बस स्टैंड तक ही रहेंगे। रहुई की तरफ से आने वाले वाहन नेशनल हाई स्कूल, शेखाना तक सीमित रहेंगे। अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था नवादा से पटना जाने वाली सरकारी बसों के लिए कारगिल बस स्टैंड में अस्थायी व्यवस्था की गई है। ये बसें बाइपास मार्ग से संचालित होंगी और शहर के मुख्य बस स्टैंड में प्रवेश नहीं करेंगी। यह व्यवस्था शहर के भीतरी इलाकों में यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से की गई है। बैरियर और पार्किंग व्यवस्था प्रशासन ने 14 प्रमुख स्थानों पर बैरियर लगाने का निर्णय लिया है। इनमें सोगरा कॉलेज मोड़, टाउन उच्च विद्यालय, बाबा मणिराम अखाड़ा, कुमार सिनेमा, पचासा मोड़ और कोसूक पुल जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए टाउन हाई स्कूल मैदान, सोगरा कॉलेज मैदान, श्रम कल्याण केंद्र मैदान और किसान कॉलेज (सोहसराय) के मैदान को चिन्हित किया गया है। जनसहयोग की अपील प्रशासन ने शहरवासियों और आगंतुकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन के निर्देशों का सहयोग दें। यह व्यवस्था सरस्वती पूजा के दौरान सुगम यातायात और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। सरस्वती पूजा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पंडालों और शिक्षण संस्थानों में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में सरस्वती पूजा पर ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी। जिला प्रशासन ने 25 जनवरी तक शहर में व्यापक यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में तीन पहिया, चार पहिया और टोटो जैसे छोटे सवारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है। इनमें भराव मोड़ से पोस्ट ऑफिस मोड़ होते हुए नबाब रोड, बिचली खंदक मोड़ से बनौलिया महलपर और सोगरा कॉलेज से बाबा मणिराम अखाड़ा तक के मार्ग शामिल है। इसके अलावा कुमार सिनेमा से धनेश्वर घाट, भैंसासूर मोड़ से आलमगंज और मोगलकुआं मस्जिद से बसारविगहा की ओर जाने वाले रास्तों पर भी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वैकल्पिक मार्ग और डायवर्सन प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। बरबीघा-शेखपुरा से पटना जाने वाली सवारी बसें अब नकटपुरा बायपास, सोहसराय हाल्ट मोड़ और पचासा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। बड़े वाहन, मिनी बस, ट्रक और ट्रैक्टरों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बरबीघा और अस्थावां की ओर जाने वाले वाहन आदर्श हाई स्कूल के सामने स्थित बस स्टैंड तक ही रहेंगे। रहुई की तरफ से आने वाले वाहन नेशनल हाई स्कूल, शेखाना तक सीमित रहेंगे। अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था नवादा से पटना जाने वाली सरकारी बसों के लिए कारगिल बस स्टैंड में अस्थायी व्यवस्था की गई है। ये बसें बाइपास मार्ग से संचालित होंगी और शहर के मुख्य बस स्टैंड में प्रवेश नहीं करेंगी। यह व्यवस्था शहर के भीतरी इलाकों में यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से की गई है। बैरियर और पार्किंग व्यवस्था प्रशासन ने 14 प्रमुख स्थानों पर बैरियर लगाने का निर्णय लिया है। इनमें सोगरा कॉलेज मोड़, टाउन उच्च विद्यालय, बाबा मणिराम अखाड़ा, कुमार सिनेमा, पचासा मोड़ और कोसूक पुल जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए टाउन हाई स्कूल मैदान, सोगरा कॉलेज मैदान, श्रम कल्याण केंद्र मैदान और किसान कॉलेज (सोहसराय) के मैदान को चिन्हित किया गया है। जनसहयोग की अपील प्रशासन ने शहरवासियों और आगंतुकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन के निर्देशों का सहयोग दें। यह व्यवस्था सरस्वती पूजा के दौरान सुगम यातायात और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। सरस्वती पूजा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पंडालों और शिक्षण संस्थानों में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।


