किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बीच एक ट्रैक्टर मालिक ने थाने के गेट पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। ट्रैक्टर मालिक का आरोप है कि बड़े संवेदक अवैध खनन कर रहे हैं, जबकि प्रशासन केवल छोटे ट्रैक्टर मालिकों पर सख्ती बरत रहा है। यह घटना तब हुई जब टेढ़ागाछ पुलिस ने हाल ही में अवैध बालू खनन के आरोप में एक ट्रैक्टर जब्त किया था। ट्रैक्टर जब्त होने से नाराज मालिक ने थाना परिसर के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। उसने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि ट्रैक्टर जब्त होने से उसके परिवार की रोजी-रोटी छिन गई है। बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन करवा रहे
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेढ़ागाछ से बहादुरगंज तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य के संवेदक (ठेकेदार) बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन करवा रहे हैं। क्षेत्र में रेतुआ नदी और अन्य नदी घाटों से नियमित रूप से बालू निकाली जा रही है। लोगों का आरोप है कि संवेदक के प्रभावशाली रसूख के चलते पुलिस और खनन विभाग बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई से बच रहे हैं। इसके विपरीत, छोटे ट्रैक्टर चालकों और मालिकों के वाहन बार-बार जब्त किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इसे चुनिंदा कार्रवाई बताते
किशनगंज जिले में पिछले कुछ समय से अवैध खनन पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है। हालिया अभियानों में कई थाना क्षेत्रों से दर्जनों ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं, जिसमें टेढ़ागाछ थाना भी शामिल है। जिला प्रशासन के अनुसार, पिछले सप्ताह में ही 25 वाहनों को जब्त कर 61 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, स्थानीय लोग इसे चुनिंदा कार्रवाई बताते हैं। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सड़क निर्माण के नाम पर बड़े पैमाने पर बालू का दोहन हो रहा है। संवेदक के ट्रक और मशीनें खुलेआम चल रही हैं, लेकिन छोटे लोगों के ट्रैक्टर पकड़े जा रहे हैं। यह अन्याय है।” किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बीच एक ट्रैक्टर मालिक ने थाने के गेट पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। ट्रैक्टर मालिक का आरोप है कि बड़े संवेदक अवैध खनन कर रहे हैं, जबकि प्रशासन केवल छोटे ट्रैक्टर मालिकों पर सख्ती बरत रहा है। यह घटना तब हुई जब टेढ़ागाछ पुलिस ने हाल ही में अवैध बालू खनन के आरोप में एक ट्रैक्टर जब्त किया था। ट्रैक्टर जब्त होने से नाराज मालिक ने थाना परिसर के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। उसने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि ट्रैक्टर जब्त होने से उसके परिवार की रोजी-रोटी छिन गई है। बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन करवा रहे
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेढ़ागाछ से बहादुरगंज तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य के संवेदक (ठेकेदार) बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन करवा रहे हैं। क्षेत्र में रेतुआ नदी और अन्य नदी घाटों से नियमित रूप से बालू निकाली जा रही है। लोगों का आरोप है कि संवेदक के प्रभावशाली रसूख के चलते पुलिस और खनन विभाग बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई से बच रहे हैं। इसके विपरीत, छोटे ट्रैक्टर चालकों और मालिकों के वाहन बार-बार जब्त किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इसे चुनिंदा कार्रवाई बताते
किशनगंज जिले में पिछले कुछ समय से अवैध खनन पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है। हालिया अभियानों में कई थाना क्षेत्रों से दर्जनों ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं, जिसमें टेढ़ागाछ थाना भी शामिल है। जिला प्रशासन के अनुसार, पिछले सप्ताह में ही 25 वाहनों को जब्त कर 61 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, स्थानीय लोग इसे चुनिंदा कार्रवाई बताते हैं। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सड़क निर्माण के नाम पर बड़े पैमाने पर बालू का दोहन हो रहा है। संवेदक के ट्रक और मशीनें खुलेआम चल रही हैं, लेकिन छोटे लोगों के ट्रैक्टर पकड़े जा रहे हैं। यह अन्याय है।”


