जमुई में सिमुलतला के पास हुए मालगाड़ी हादसे का असर तीसरे दिन भी रेल परिचालन पर साफ नजर आ रहा है। हादसे के 57 घंटे बीत जाने के बाद भी जसीडीह–झाझा मुख्य रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। रेलवे की तकनीकी टीमें लगातार ट्रैक मरम्मत में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक परिचालन बहाल होने की कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की जा सकी है। बरुआ नदी पुल के पास हुआ था हादसा यह हादसा शनिवार देर रात आसनसोल मंडल के अंतर्गत जसीडीह–झाझा मुख्य मार्ग पर सिमुलतला के पास टेलवा हॉल्ट के समीप बरुआ नदी पुल पर हुआ था। मालगाड़ी के 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हादसे के बाद से ही यह रेलखंड ठप पड़ा है और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक ट्रैक बहाल करने की कोशिश में रेलवे रेलवे प्रशासन फिलहाल एक ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त कर आंशिक रूप से परिचालन शुरू करने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए भारी मशीनें, क्रेन और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर लगाए गए हैं। हालांकि, पुल के पास ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण मरम्मत कार्य में समय लग रहा है। अधिकारी मान रहे हैं कि सुरक्षा मानकों को देखते हुए किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा सकती। यात्रियों की बढ़ी परेशानी रेल परिचालन ठप रहने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लंबी दूरी की ट्रेनें या तो रद्द कर दी गई हैं या फिर डायवर्ट कर चलाई जा रही हैं। स्टेशन पर यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। ठंड के मौसम और अनिश्चितता के बीच कई यात्रियों ने बस और निजी वाहनों का सहारा लिया। कुछ यात्रियों ने रेलवे की सूचना व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है।30 दिसंबर 2025 को जसीडीह–दिघरू पैसेंजर (63298) को रद्द कर दिया गया है। वहीं, अमृतसर–हावड़ा, राजेंद्रनगर–हावड़ा, राजगीर–हावड़ा समेत एक दर्जन से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें किऊल, भागलपुर, गुमानी और रामपुरहाट जैसे वैकल्पिक मार्गों से चलाई जा रही हैं। कुछ ट्रेनों को भागलपुर और रामपुरहाट में अतिरिक्त ठहराव भी दिया गया है। रेलवे अधिकारी नहीं दे रहे स्पष्ट जानकारी रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी युद्ध स्तर पर ट्रैक बहाली के कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि परिचालन पूरी तरह सामान्य होने में कितना समय लगेगा। रेल अधिकारी इस मुद्दे पर सिर्फ इतना कह रहे हैं कि सुरक्षा सर्वोपरि है और ट्रैक की पूरी जांच के बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। व्यापार और दैनिक यात्रियों पर भी असर इस रेलखंड से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। परिचालन बाधित होने से न सिर्फ यात्री प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि माल ढुलाई पर भी असर पड़ा है। खासकर कोयला, खाद्यान्न और औद्योगिक सामान की आवाजाही प्रभावित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बहाली को लेकर टिकी निगाहें अब यात्रियों और स्थानीय लोगों की निगाहें रेलवे प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब तक जसीडीह–झाझा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो पाएगी। जब तक ट्रैक पूरी तरह दुरुस्त नहीं होता, तब तक यात्रियों की परेशानी जारी रहने की संभावना है। जमुई में सिमुलतला के पास हुए मालगाड़ी हादसे का असर तीसरे दिन भी रेल परिचालन पर साफ नजर आ रहा है। हादसे के 57 घंटे बीत जाने के बाद भी जसीडीह–झाझा मुख्य रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। रेलवे की तकनीकी टीमें लगातार ट्रैक मरम्मत में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक परिचालन बहाल होने की कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की जा सकी है। बरुआ नदी पुल के पास हुआ था हादसा यह हादसा शनिवार देर रात आसनसोल मंडल के अंतर्गत जसीडीह–झाझा मुख्य मार्ग पर सिमुलतला के पास टेलवा हॉल्ट के समीप बरुआ नदी पुल पर हुआ था। मालगाड़ी के 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हादसे के बाद से ही यह रेलखंड ठप पड़ा है और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक ट्रैक बहाल करने की कोशिश में रेलवे रेलवे प्रशासन फिलहाल एक ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त कर आंशिक रूप से परिचालन शुरू करने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए भारी मशीनें, क्रेन और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर लगाए गए हैं। हालांकि, पुल के पास ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण मरम्मत कार्य में समय लग रहा है। अधिकारी मान रहे हैं कि सुरक्षा मानकों को देखते हुए किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा सकती। यात्रियों की बढ़ी परेशानी रेल परिचालन ठप रहने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लंबी दूरी की ट्रेनें या तो रद्द कर दी गई हैं या फिर डायवर्ट कर चलाई जा रही हैं। स्टेशन पर यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। ठंड के मौसम और अनिश्चितता के बीच कई यात्रियों ने बस और निजी वाहनों का सहारा लिया। कुछ यात्रियों ने रेलवे की सूचना व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है।30 दिसंबर 2025 को जसीडीह–दिघरू पैसेंजर (63298) को रद्द कर दिया गया है। वहीं, अमृतसर–हावड़ा, राजेंद्रनगर–हावड़ा, राजगीर–हावड़ा समेत एक दर्जन से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें किऊल, भागलपुर, गुमानी और रामपुरहाट जैसे वैकल्पिक मार्गों से चलाई जा रही हैं। कुछ ट्रेनों को भागलपुर और रामपुरहाट में अतिरिक्त ठहराव भी दिया गया है। रेलवे अधिकारी नहीं दे रहे स्पष्ट जानकारी रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी युद्ध स्तर पर ट्रैक बहाली के कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि परिचालन पूरी तरह सामान्य होने में कितना समय लगेगा। रेल अधिकारी इस मुद्दे पर सिर्फ इतना कह रहे हैं कि सुरक्षा सर्वोपरि है और ट्रैक की पूरी जांच के बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। व्यापार और दैनिक यात्रियों पर भी असर इस रेलखंड से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। परिचालन बाधित होने से न सिर्फ यात्री प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि माल ढुलाई पर भी असर पड़ा है। खासकर कोयला, खाद्यान्न और औद्योगिक सामान की आवाजाही प्रभावित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बहाली को लेकर टिकी निगाहें अब यात्रियों और स्थानीय लोगों की निगाहें रेलवे प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब तक जसीडीह–झाझा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो पाएगी। जब तक ट्रैक पूरी तरह दुरुस्त नहीं होता, तब तक यात्रियों की परेशानी जारी रहने की संभावना है।


