Towel Expiry Date: हम रोज नहाने के बाद जिस तौलिए को साफ समझकर इस्तेमाल करते हैं, वही हमारी सेहत के लिए छुपा खतरा बन सकता है। देखने में भले ही तौलिया धुला-धुला और फ्रेश लगे, लेकिन समय के साथ उसमें बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं। यही वजह है कि तौलिये की भी एक “एक्सपायरी डेट” मानी जाती है, जिसे जानना और समय पर तौलिया बदलना बेहद जरूरी होता है।
क्या सच में तौलियों की एक्सपायरी डेट होती है?
तौलियों पर भले ही किसी तरह की एक्सपायरी डेट नहीं लिखी होती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे हमेशा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रहते हैं। बार-बार गीले होने, ठीक से न सूख पाने और लगातार इस्तेमाल की वजह से तौलियों के रेशों में बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं। कई बार तौलिया बाहर से बिल्कुल साफ दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर वह जर्म्स का घर बन चुका होता है।
कब समझें कि तौलिया अब बदल देना चाहिए?
जब तौलिया पानी सोखना बंद कर दे
अगर नहाने के बाद भी शरीर ठीक से सूख नहीं पा रहा, तो यह संकेत है कि तौलिया अपनी असली क्षमता खो चुका है। समय के साथ तौलियों के रेशे कमजोर हो जाते हैं और उनकी सोखने की ताकत कम हो जाती है।
बार-बार धोने के बाद भी बदबू आए
अगर तौलिया धोने के बाद भी अजीब सी सीलन या खट्टेपन जैसी स्मेल देता है, तो समझ लें कि उसमें बैक्टीरिया जमा हो चुके हैं। ऐसे तौलिये स्किन इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
फंगस या काले धब्बे दिखें
तौलिये पर काले या हरे धब्बे दिखना फंगस की निशानी है। ऐसे तौलिये का इस्तेमाल करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है, खासकर अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है।
किनारे उधड़ने लगें या छेद हो जाए
फटे-पुराने तौलिये न सिर्फ देखने में खराब लगते हैं, बल्कि इस्तेमाल में भी असहज होते हैं। यह साफ संकेत है कि तौलिया अब अपनी उम्र पूरी कर चुका है।
तौलिया खुरदुरा हो जाए
अगर तौलिया स्किन पर चुभने लगे या पहले जैसी मुलायम फील न दे, तो समझिए कि उसके रेशे टूट चुके हैं। ऐसे तौलिये आराम की जगह परेशानी देते हैं।
तौलिया कितने साल तक चल सकता है?
अच्छी क्वालिटी का तौलिया आमतौर पर 2 से 5 साल तक चल सकता है, जबकि सामान्य तौलियों की उम्र 2 से 3 साल मानी जाती है। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप तौलिये को कितनी बार इस्तेमाल करते हैं, कैसे धोते हैं और क्या उसे हर बार ठीक से सुखाते हैं या नहीं।
Towel Hygiene Tips: तौलिया ज्यादा दिन तक कैसे चलाएं?
हर इस्तेमाल के बाद तौलिया अच्छी तरह सुखाएं।
बहुत ज्यादा डिटर्जेंट या फैब्रिक सॉफ्टनर से बचें।
तौलियों को अलग से धोएं।
समय-समय पर तौलियों को बदलते रहें।


