शहीद दिवस के अवसर पर शहर का पश्चिम क्षेत्र देशभक्ति के जज्बे से सराबोर नजर आया। क्रांतिकारी भगतसिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु की स्मृति में निकली पारंपरिक मशाल यात्रा इस वर्ष भी भव्यता और उत्साह के साथ आयोजित की गई। मशाल यात्रा की अगुवाई मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने की, जिसमें हजारों नागरिक शामिल हुए। फूटी कोठी (संत सेवालाल ब्रिज) से प्रारंभ हुई यात्रा महाराणा प्रताप चौक तक पहुंची। हाथों में जलती मशालें, भगवा ध्वज और “भारत माता की जय” के नारों के बीच शहर की सड़कों पर देशभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यात्रा मार्ग पर कई मंच लगे थे, जहां 50 से अधिक संस्थाओं और कई समाजों ने पुष्पवर्षा कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। महिला, पुरुष, बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर आयु वर्ग की भागीदारी ने आयोजन को जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया। पूरा मार्ग देशभक्ति गीतों और नारों से गूंजता रहा। आयोजकों ने कहा कि शहीदों के बलिदान को याद रखना और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना ही इस मशाल यात्रा का उद्देश्य है। कार्यक्रम के समापन पर शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया गया।


