बिलासपुर में कल प्राइवेट सिक्योरिटी संचालकों की एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इस एक दिवसीय बैठक में छत्तीसगढ़ सहित देशभर की प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों के राष्ट्रीय पदाधिकारी और संचालक शामिल होंगे। इसमें राज्य स्तरीय सिक्योरिटी संचालकों तथा सिक्योरिटी सर्विस से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। शहरों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, चोरी, डकैती और लूटपाट जैसी स्थितियों से निपटना एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासन के साथ-साथ निजी सुरक्षा एजेंसियां भी इस दिशा में अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं। प्राइवेट सिक्योरिटी प्रदान करने वाली एजेंसियों के समक्ष कई गंभीर समस्याएं हैं, जिनके निराकरण के लिए यह बैठक बुलाई गई है। संगठन का मानना है कि प्रदेश में बिना लाइसेंस के कई सिक्योरिटी एजेंसियां संचालित हो रही हैं। इन एजेंसियों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की भर्ती कर उनकी सेवाएं ली जा रही हैं, जिसकी रोकथाम अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस आसान बनाने पर होगी चर्चा बैठक में सुरक्षा एजेंसियों को प्रदान किए जाने वाले ‘पासारा’ (PASARA) लाइसेंस की प्रक्रिया के सरलीकरण पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के बदले भुगतान में होने वाले विलंब की समस्या को दूर कर शीघ्र भुगतान की मांग की जाएगी। संगठन की ओर से सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा जीएसटी, कर्मचारी सुरक्षा निधि, कर्मचारी भविष्य निधि जैसे शासकीय अनुपालना (कंप्लायंस) संबंधी विषयों पर सुधार की मांग की गई है। इन सभी विषयों पर चर्चा कर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का उद्देश्य है।


