किशनगंज में चैती छठ का आज अंतिम दिन:उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ हुआ समापन, घाटों पर भीड़

किशनगंज में चैती छठ का आज अंतिम दिन:उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ हुआ समापन, घाटों पर भीड़

किशनगंज में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ अपने अंतिम चरण में है। बुधवार को पर्व का चौथा और अंतिम दिन था, जिसमें व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य दिए। इसके साथ ही चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन हो गया। शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल है। शहर के प्रसिद्ध देवघाट खगड़ा और धोबी पट्टी सहित विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। व्रती महिलाएं और पुरुष रात भर जागरण कर छठ गीत गाते रहे। सुबह शुद्ध जल, फल, ठेकुआ, लड्डू और अन्य प्रसाद सामग्री से सजी टोकरी लेकर उषा अर्घ्य दिया जाएगा। इस दौरान व्रती सूर्य देव और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान सौभाग्य और आरोग्य की कामना करेंगे। 22 मार्च को नहाय-खाय से हुई थी शुरुआत चैती छठ पर्व की शुरुआत 22 मार्च को नहाय-खाय से हुई थी। 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को संध्या अर्घ्य और आज 25 मार्च को उषा अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होगा। इस दौरान व्रती 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास रखते हैं। खगड़ा घाट पर अब भी छठ गीतों की मधुर ध्वनि गूंज रही है, जहां महिलाएं रंग-बिरंगी साड़ियों में सजी बच्चों के साथ पूजा स्थल पहुंच रही हैं। पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जिला प्रशासन ने पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। श्रद्धालु पूजा के बाद प्रसाद वितरण कर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं। किशनगंज में यह पर्व हर वर्ष भव्य रूप से मनाया जाता है, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। अंतिम अर्घ्य के बाद व्रती फलाहार ग्रहण कर अपना व्रत तोड़ेंगे। पूरा वातावरण भक्ति, आस्था और उल्लास से ओत-प्रोत है। किशनगंज में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ अपने अंतिम चरण में है। बुधवार को पर्व का चौथा और अंतिम दिन था, जिसमें व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य दिए। इसके साथ ही चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन हो गया। शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल है। शहर के प्रसिद्ध देवघाट खगड़ा और धोबी पट्टी सहित विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। व्रती महिलाएं और पुरुष रात भर जागरण कर छठ गीत गाते रहे। सुबह शुद्ध जल, फल, ठेकुआ, लड्डू और अन्य प्रसाद सामग्री से सजी टोकरी लेकर उषा अर्घ्य दिया जाएगा। इस दौरान व्रती सूर्य देव और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान सौभाग्य और आरोग्य की कामना करेंगे। 22 मार्च को नहाय-खाय से हुई थी शुरुआत चैती छठ पर्व की शुरुआत 22 मार्च को नहाय-खाय से हुई थी। 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को संध्या अर्घ्य और आज 25 मार्च को उषा अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होगा। इस दौरान व्रती 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास रखते हैं। खगड़ा घाट पर अब भी छठ गीतों की मधुर ध्वनि गूंज रही है, जहां महिलाएं रंग-बिरंगी साड़ियों में सजी बच्चों के साथ पूजा स्थल पहुंच रही हैं। पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जिला प्रशासन ने पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। श्रद्धालु पूजा के बाद प्रसाद वितरण कर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं। किशनगंज में यह पर्व हर वर्ष भव्य रूप से मनाया जाता है, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। अंतिम अर्घ्य के बाद व्रती फलाहार ग्रहण कर अपना व्रत तोड़ेंगे। पूरा वातावरण भक्ति, आस्था और उल्लास से ओत-प्रोत है।  

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