Birth Anniversary of Kalyan Singh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने सख्त फैसलों, स्पष्ट विचारधारा और राम मंदिर आंदोलन में निर्णायक भूमिका के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की जयंती आज पूरे प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। भारतीय जनता पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा प्रदेश भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। लखनऊ में आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। कल्याण सिंह को भारतीय राजनीति में उस नेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के लिए सत्ता की कुर्बानी दी और अपने फैसलों से राजनीतिक इतिहास में एक अलग पहचान बनाई।
राम मंदिर आंदोलन और कल्याण सिंह
6 दिसंबर 1992 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अहम मोड़ माना जाता है। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार और न्यायपालिका के दबाव के बावजूद अपने फैसलों पर अडिग रहने का रास्ता चुना। बाबरी ढांचे के ध्वंस के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उस दौर में सत्ता बचाने के कई विकल्प मौजूद थे, लेकिन कल्याण सिंह ने सत्ता के बजाय अपने विचार और राम मंदिर आंदोलन को प्राथमिकता दी। यही कारण है कि उन्हें आज भी भाजपा और हिंदुत्व समर्थकों के बीच “राम मंदिर के लिए सत्ता कुर्बान करने वाला नेता” कहा जाता है।
भाजपा के मजबूत स्तंभ रहे कल्याण सिंह
कल्याण सिंह भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने पार्टी को उत्तर प्रदेश में मजबूत आधार दिया। पिछड़े वर्ग से आने वाले कल्याण सिंह ने भाजपा को सामाजिक विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश की राजनीति में नई दिशा पकड़ी और संगठनात्मक मजबूती हासिल की। वे न केवल एक जननेता थे, बल्कि प्रशासनिक रूप से भी सख्त और निर्णय लेने वाले मुख्यमंत्री के रूप में पहचाने जाते थे। उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए, जिनकी चर्चा आज भी होती है।
जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम
आज उनकी जयंती के अवसर पर लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया है। भाजपा कार्यालयों, जनपद मुख्यालयों और सामाजिक मंचों पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया जा रहा है।लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
योगी आदित्यनाथ करेंगे संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल्याण सिंह को अपना राजनीतिक आदर्श मानने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। वे कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि राम मंदिर आंदोलन और उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह का योगदान ऐतिहासिक है।श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी उनके जीवन, संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डालेंगे। साथ ही यह संदेश देने की संभावना है कि जिस राम मंदिर आंदोलन के लिए कल्याण सिंह ने सत्ता छोड़ी थी, आज उसी आंदोलन का सपना साकार हो चुका है।
समर्थकों के लिए प्रेरणा
कल्याण सिंह आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और संघर्ष आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। खासतौर पर पिछड़े वर्ग और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए उनका जीवन एक उदाहरण माना जाता है कि दृढ़ संकल्प और स्पष्ट विचारधारा के साथ राजनीति में ऊंचा मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनके समर्थकों का कहना है कि कल्याण सिंह ने कभी राजनीतिक लाभ-हानि की चिंता नहीं की, बल्कि अपने विश्वास और विचारों के साथ खड़े रहे।
राजनीतिक विरासत
कल्याण सिंह न केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, बल्कि उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन राम मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें भारतीय राजनीति के इतिहास में स्थायी स्थान दिला दिया। आज जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है, तब उनके समर्थक इसे कल्याण सिंह के संघर्ष और बलिदान की परिणति मानते हैं।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
जयंती के अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी है। नेताओं का कहना है कि वे एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने राजनीति को सेवा और विचारधारा से जोड़ा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कल्याण सिंह जी का जीवन राष्ट्र, धर्म और समाज के लिए समर्पित था। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।”


