बिहार विधानसभा में बजट सत्र के 9वें दिन शुक्रवार को संदीप सौरभ, अख्तरुल ईमान समेत 6 सदस्यों से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी ध्यानाकर्षण सूचना पर सरकार का जवाब होगा। विधान मंडल के दोनों ही सदनों विधान सभा और विधान परिषद में विपक्ष सरकार को घेरेगा। विधानसभा में शिक्षा विभाग से जुड़े आलोक कुमार मेहता, भाई वीरेन्द्र और अन्य तीन सदस्यों से प्राप्त ध्यानाकर्षण पर सरकार का जवाब होगा। नगर आवास विभाग और पंचायती राज विभाग की ओर से राजू तिवारी, विनय कुमार और अन्य सात सदस्यों के सवालों का जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा प्रश्नोत्तर काल के तहत अल्प सूचित और तारांकित प्रश्नों के उत्तर होंगे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिहार सरकारी सेवक संशोधन नियमावली 2025, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली 2024, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि संशोधन नियमावली 2025 और बिहार प्रशासनिक सेवा भर्ती और सेवा शर्त नियमावली 2025 की प्रति सदन की मेज पर रखेंगे। विधान परिषद में ध्यानाकर्षण बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में प्रश्न काल के अलावा नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड पटना के वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 का वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति सदन की मेज पर रखी जानी है। ध्यानाकर्षण के तहत डॉ. मदन मोहन झा, वंशीधर ब्रजवासी, प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव, नवल किशोर यादव, डॉ. संजीव कुमार सिंह के सवाल हैं। कल सीएम और राजद विधायक में हुई थी नोकझोंक बजट सत्र के आठवें दिन गुरुवार को नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र में नोक-झोंक हुई थी। दरअसल, राजद विधायक पानी में आर्सेनिक का मुद्दा उठा रहे थे, इसी बीच मुख्यमंत्री ने उनके स्वेटर को देख कर कहा- ‘इतने कपड़े क्यों पहने हो।’ इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा- ‘आपने ही तो दिया है, छोटे भाई को भूल जाते हैं। इसलिए कहते हैं समय पर दवा खाया कीजिए।’ जिसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी सीएम को डिफेंड करने उठे और कहा, ‘सीएम की चिंता है कि इतना कपड़ा क्यों पहने हैं, इतनी तो ठंढ नहीं है।’ काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे विपक्ष के नेता सदन की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘सरकार भी अपराध पर बोलने से ऐसे ही बच रही है।’ वहीं पोर्टिको में राजद विधायकों ने बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। बैनर पर लिखा था- ‘मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ।’ ‘बिहार अपराध-बेरोजगारी में नंबर वन है।’ बिहार विधानसभा में बजट सत्र के 9वें दिन शुक्रवार को संदीप सौरभ, अख्तरुल ईमान समेत 6 सदस्यों से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी ध्यानाकर्षण सूचना पर सरकार का जवाब होगा। विधान मंडल के दोनों ही सदनों विधान सभा और विधान परिषद में विपक्ष सरकार को घेरेगा। विधानसभा में शिक्षा विभाग से जुड़े आलोक कुमार मेहता, भाई वीरेन्द्र और अन्य तीन सदस्यों से प्राप्त ध्यानाकर्षण पर सरकार का जवाब होगा। नगर आवास विभाग और पंचायती राज विभाग की ओर से राजू तिवारी, विनय कुमार और अन्य सात सदस्यों के सवालों का जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा प्रश्नोत्तर काल के तहत अल्प सूचित और तारांकित प्रश्नों के उत्तर होंगे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिहार सरकारी सेवक संशोधन नियमावली 2025, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली 2024, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि संशोधन नियमावली 2025 और बिहार प्रशासनिक सेवा भर्ती और सेवा शर्त नियमावली 2025 की प्रति सदन की मेज पर रखेंगे। विधान परिषद में ध्यानाकर्षण बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में प्रश्न काल के अलावा नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड पटना के वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 का वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति सदन की मेज पर रखी जानी है। ध्यानाकर्षण के तहत डॉ. मदन मोहन झा, वंशीधर ब्रजवासी, प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव, नवल किशोर यादव, डॉ. संजीव कुमार सिंह के सवाल हैं। कल सीएम और राजद विधायक में हुई थी नोकझोंक बजट सत्र के आठवें दिन गुरुवार को नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र में नोक-झोंक हुई थी। दरअसल, राजद विधायक पानी में आर्सेनिक का मुद्दा उठा रहे थे, इसी बीच मुख्यमंत्री ने उनके स्वेटर को देख कर कहा- ‘इतने कपड़े क्यों पहने हो।’ इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा- ‘आपने ही तो दिया है, छोटे भाई को भूल जाते हैं। इसलिए कहते हैं समय पर दवा खाया कीजिए।’ जिसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी सीएम को डिफेंड करने उठे और कहा, ‘सीएम की चिंता है कि इतना कपड़ा क्यों पहने हैं, इतनी तो ठंढ नहीं है।’ काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे विपक्ष के नेता सदन की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘सरकार भी अपराध पर बोलने से ऐसे ही बच रही है।’ वहीं पोर्टिको में राजद विधायकों ने बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। बैनर पर लिखा था- ‘मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ।’ ‘बिहार अपराध-बेरोजगारी में नंबर वन है।’


