बजट सत्र का आज 13वां दिन:विधान परिषद में जमीन को अवैध कब्जा से मुक्त कराने की मांग होगी, कल शराबबंदी के मुद्दे पर हुई थी बहस

बजट सत्र का आज 13वां दिन:विधान परिषद में जमीन को अवैध कब्जा से मुक्त कराने की मांग होगी, कल शराबबंदी के मुद्दे पर हुई थी बहस

आज बिहार विधान मंडल के बजट सत्र का 13वां दिन है। आज भी दोनों सदनों में कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी बातें रखेंगे। शराबबंदी समीक्षा की मांग पर फिर से हंगामे के आसार हैं। इसके अलावा बिहार विधानसभा की समितियों के प्रतिवेदन को सदन में रखा जाएगा। वहीं, आलोक मेहता, भाई विरेन्द्र से मिले ध्यानाकर्षण सूचना पर सूचना प्रावैधिकी विभाग की ओर से वक्तव्य होगा। प्रमोद कुमार, सचीन्द्र प्रसाद सिंह और अन्य 28 विधायकों से प्राप्त ध्यानाकर्षण सूचना पर योजना और विकास विभाग की ओर से वक्तव्य होगा। इसके अलावा ज्योति देवी, रोमित कुमार सहित 6 विधायकों से प्राप्त सूचना पर विज्ञान, प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से वक्तव्य होगा। सेकंड हाफ में शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण, लघु जल संसाधन व खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग पर वाद-विवाद होगा। बिहार विधान परिषद में क्या होना है बिहार विधान परिषद में प्रश्नों के अलावा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति रखी जाएगी। एमएलसी जीवन कुमार पब्लिक यातायात सुविधा के लिए नगर बस सेवा को गांधी मैदान पटना से दुर्गा मंदिर, परेव कोइलवर पुल तक चलाने की सरकार से मांग करेंगे। मो. सोहैब मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर गांव के स्व. शेख रहमतुल्लाह को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा प्रदान करने के संबंध में सरकार का ध्यान आकृष्ट करेंगे। बुधवार को शराबबंदी समेत कई मुद्दे पर हुई थी बहस बुधवार को बिहार विधानसभा में बिहार सरकार के एक मंत्री ने कहा था कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं। इसपर बिहार सरकार के दूसरे मंत्री विजय चौधरी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी के द्वारा यह कहना कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं तो यह बिल्कुल गलत है। इसके अलावा सदन में मंत्री अशोक चौधरी बोले रहे थे तो विपक्ष के सभी विधायक सदन से वाक आउट कर चले गए। फिर भी अशोक चौधरी ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से राहुल कुमार, आलोक मेहता, कमरूल होड़ा, अख्तरुल ईमान और सतीश सिंह यादव आदि विधायकों के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं किया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से बजट प्रस्ताव लाया गया है, जिसपर इन विधायकों ने विरोध किया था। मंत्री अशोक चौधरी के बयान पर AIMIM के विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि ये राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है। अगर मजाक में कहा तो ठीक है, अगर वो इसे गंभीरता से कहे हैं तो उनके इस फैसले का विरोध होगा। आज बिहार विधान मंडल के बजट सत्र का 13वां दिन है। आज भी दोनों सदनों में कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी बातें रखेंगे। शराबबंदी समीक्षा की मांग पर फिर से हंगामे के आसार हैं। इसके अलावा बिहार विधानसभा की समितियों के प्रतिवेदन को सदन में रखा जाएगा। वहीं, आलोक मेहता, भाई विरेन्द्र से मिले ध्यानाकर्षण सूचना पर सूचना प्रावैधिकी विभाग की ओर से वक्तव्य होगा। प्रमोद कुमार, सचीन्द्र प्रसाद सिंह और अन्य 28 विधायकों से प्राप्त ध्यानाकर्षण सूचना पर योजना और विकास विभाग की ओर से वक्तव्य होगा। इसके अलावा ज्योति देवी, रोमित कुमार सहित 6 विधायकों से प्राप्त सूचना पर विज्ञान, प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से वक्तव्य होगा। सेकंड हाफ में शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण, लघु जल संसाधन व खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग पर वाद-विवाद होगा। बिहार विधान परिषद में क्या होना है बिहार विधान परिषद में प्रश्नों के अलावा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति रखी जाएगी। एमएलसी जीवन कुमार पब्लिक यातायात सुविधा के लिए नगर बस सेवा को गांधी मैदान पटना से दुर्गा मंदिर, परेव कोइलवर पुल तक चलाने की सरकार से मांग करेंगे। मो. सोहैब मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर गांव के स्व. शेख रहमतुल्लाह को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा प्रदान करने के संबंध में सरकार का ध्यान आकृष्ट करेंगे। बुधवार को शराबबंदी समेत कई मुद्दे पर हुई थी बहस बुधवार को बिहार विधानसभा में बिहार सरकार के एक मंत्री ने कहा था कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं। इसपर बिहार सरकार के दूसरे मंत्री विजय चौधरी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी के द्वारा यह कहना कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं तो यह बिल्कुल गलत है। इसके अलावा सदन में मंत्री अशोक चौधरी बोले रहे थे तो विपक्ष के सभी विधायक सदन से वाक आउट कर चले गए। फिर भी अशोक चौधरी ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से राहुल कुमार, आलोक मेहता, कमरूल होड़ा, अख्तरुल ईमान और सतीश सिंह यादव आदि विधायकों के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं किया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से बजट प्रस्ताव लाया गया है, जिसपर इन विधायकों ने विरोध किया था। मंत्री अशोक चौधरी के बयान पर AIMIM के विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि ये राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है। अगर मजाक में कहा तो ठीक है, अगर वो इसे गंभीरता से कहे हैं तो उनके इस फैसले का विरोध होगा।  

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