बांका में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने शनिवार को व्यापक अभियान चलाया।यह अभियान जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के नेतृत्व में चलाया गया,जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को गैस आपूर्ति में परेशानी से बचाना और जमाखोरी पर रोक लगाना है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना अध्यक्षों की टीमों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में 11 गैस एजेंसियों और तीन अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की जांच की गई।थानाध्यक्षों की टीम ने भी तीन गैस एजेंसियों सहित कुल 39 स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया। गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर,वितरण पंजी और उपभोक्ताओं को दिए जा रहे सिलेंडरों का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि गैस की बिक्री निर्धारित दर पर ही हो और कोई अनियमितता न हो।गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने और कालाबाजारी या जमाखोरी न होने देने के सख्त निर्देश दिए गए। आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम का गठन किया गया है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार द्वारा कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की निगरानी की जा रही है और उनके त्वरित निवारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रतिदिन सुबह 6 बजे से गैस वितरण शुरू करने का निर्देश प्रशासन ने सभी गैस वितरकों को प्रतिदिन सुबह 6 बजे से गैस वितरण शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्हें अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित करने और उपलब्ध गैस स्टॉक का शत-प्रतिशत समय पर वितरण करने को भी कहा गया है।शहरी क्षेत्रों में घरेलू गैस बुकिंग की अवधि 25दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45दिन निर्धारित की गई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि बांका जिले में गैस का वितरण पूरी तरह नियंत्रण में है और पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है।उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन के अनुसार पिछले दिन 3009उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई,जबकि 5197 उपभोक्ताओं को सफलतापूर्वक गैस की डिलीवरी की गई,जो संतुलित और सुचारू आपूर्ति व्यवस्था का संकेत है। बांका में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने शनिवार को व्यापक अभियान चलाया।यह अभियान जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के नेतृत्व में चलाया गया,जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को गैस आपूर्ति में परेशानी से बचाना और जमाखोरी पर रोक लगाना है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना अध्यक्षों की टीमों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में 11 गैस एजेंसियों और तीन अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की जांच की गई।थानाध्यक्षों की टीम ने भी तीन गैस एजेंसियों सहित कुल 39 स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया। गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर,वितरण पंजी और उपभोक्ताओं को दिए जा रहे सिलेंडरों का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि गैस की बिक्री निर्धारित दर पर ही हो और कोई अनियमितता न हो।गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने और कालाबाजारी या जमाखोरी न होने देने के सख्त निर्देश दिए गए। आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम का गठन किया गया है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार द्वारा कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की निगरानी की जा रही है और उनके त्वरित निवारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रतिदिन सुबह 6 बजे से गैस वितरण शुरू करने का निर्देश प्रशासन ने सभी गैस वितरकों को प्रतिदिन सुबह 6 बजे से गैस वितरण शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्हें अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित करने और उपलब्ध गैस स्टॉक का शत-प्रतिशत समय पर वितरण करने को भी कहा गया है।शहरी क्षेत्रों में घरेलू गैस बुकिंग की अवधि 25दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45दिन निर्धारित की गई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि बांका जिले में गैस का वितरण पूरी तरह नियंत्रण में है और पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है।उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन के अनुसार पिछले दिन 3009उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई,जबकि 5197 उपभोक्ताओं को सफलतापूर्वक गैस की डिलीवरी की गई,जो संतुलित और सुचारू आपूर्ति व्यवस्था का संकेत है।


