लखीसराय में बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा शुरू होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। परीक्षा में एक मिनट की देरी पर प्रवेश वर्जित होने के सख्त नियम के कारण परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषकर लखीसराय की जामग्रस्त सड़कों और बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए यह चिंता और भी गंभीर हो गई थी। इसी के मद्देनजर मंगलवार को जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र खुद सड़कों पर उतरे। उन्होंने शहर की दुकानें खुलने के समय प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों का निरीक्षण किया। अवैध कब्जे और बेतरतीब खड़े वाहनों को दी नसीहत निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क पर लगे अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही का जायजा लिया। कई जगहों पर अवैध कब्जे और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण जाम की स्थिति देखने को मिली। डीएम मिथिलेश मिश्र ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी हाल में जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी अतिक्रमण या ट्रैफिक व्यवस्था में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सड़क को निजी संपत्ति समझने वालों पर होगी कार्रवाई उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला केवल ट्रैफिक का नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने दुकानदारों और वाहन चालकों को भी सख्त चेतावनी दी, कहा कि सड़क को निजी संपत्ति समझने वालों पर अब कार्रवाई तय है। अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। जिले के सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जा सके। डीएम के इस कड़े रुख से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस पहल से आम जनता और परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने राहत महसूस की है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जिलाधिकारी स्वयं पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। लखीसराय में बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा शुरू होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। परीक्षा में एक मिनट की देरी पर प्रवेश वर्जित होने के सख्त नियम के कारण परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषकर लखीसराय की जामग्रस्त सड़कों और बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए यह चिंता और भी गंभीर हो गई थी। इसी के मद्देनजर मंगलवार को जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र खुद सड़कों पर उतरे। उन्होंने शहर की दुकानें खुलने के समय प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों का निरीक्षण किया। अवैध कब्जे और बेतरतीब खड़े वाहनों को दी नसीहत निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क पर लगे अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही का जायजा लिया। कई जगहों पर अवैध कब्जे और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण जाम की स्थिति देखने को मिली। डीएम मिथिलेश मिश्र ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी हाल में जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी अतिक्रमण या ट्रैफिक व्यवस्था में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सड़क को निजी संपत्ति समझने वालों पर होगी कार्रवाई उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला केवल ट्रैफिक का नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने दुकानदारों और वाहन चालकों को भी सख्त चेतावनी दी, कहा कि सड़क को निजी संपत्ति समझने वालों पर अब कार्रवाई तय है। अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। जिले के सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जा सके। डीएम के इस कड़े रुख से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस पहल से आम जनता और परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने राहत महसूस की है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जिलाधिकारी स्वयं पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं।


