बेंगलूरु ट्रैफिक से तंग आकर इंजीनियर ने बनाया AI हेलमेट, उल्लंघन पर पुलिस को भेजता है सबूत, राजस्थान में भी इसकी जरूरत

बेंगलूरु ट्रैफिक से तंग आकर इंजीनियर ने बनाया AI हेलमेट, उल्लंघन पर पुलिस को भेजता है सबूत, राजस्थान में भी इसकी जरूरत

AI Helmet: जयपुर. बेंगलूरु की सड़कों पर रोजाना होने वाले ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने से तंग आकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने आम हेलमेट को AI-पावर्ड ‘ट्रैफिकपुलिस’ में बदल दिया। 27 वर्षीय पंकज तंवर ने अपने हेलमेट में कैमरा और एआई सिस्टम फिट करके ऐसा डिवाइस बनाया है, जो रीयल-टाइम में ट्रैफिक उल्लंघन पकड़ता है और सबूत समेत पुलिस को ईमेल कर देता है। बेंगलुरु का ‘ट्रैफिकवॉचडॉग’ हेलमेट राजस्थान में भी बहुत जरूरी है, खासकर जयपुर में जहां लापरवाह ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही जयपुर में 9 जनवरी को मानसरोवर इलाके में एक सड़क हादसे हुआ, जिसमें एक जने की जान चली गई और कई घायल हाे गए।

कैसे काम करता है यह ‘स्मार्ट’हेलमेट?

पंकज ने Logitech वेबकैम को हेलमेट पर लगाया और RaspberryPi (एक छोटा कंप्यूटर) से कनेक्ट किया। AI मॉडल (OpenAIGPT और GoogleGemini सहित) हर फ्रेम को स्कैन करते हैं और उल्लंघन पकड़ते हैं।

इन्हें पकड़ता है हेलमेट

  • बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले
  • रेड लाइट जंप करना
  • गलत साइड ड्राइविंग
  • डिवाइडर जंप करना

पुलिस को भेजता है फोटो

उल्लंघन मिलते ही सिस्टम HD फोटो क्लिक करता है, नंबर प्लेट, GPS लोकेशन और टाइम स्टैंप जोडक़रऑटोमैटिक ईमेल बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस को भेज देता है। फॉल्स अलार्म कम करने के लिए डबल वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया गया है। पूरा सेटअप महज 4,000 रुपए से कम में बना है।

वायरल हुआ प्रोजेक्ट, पुलिस ने भी की तारीफ

पंकज ने हाल ही इसे एक्स पर वीडियो पोस्ट किया “ट्रैफिक में बेवकूफ लोगों से तंग आकर मैंने अपना हेलमेट ट्रैफिक पुलिस डिवाइस में हैक कर दिया। अब सुरक्षित चलो, वरना पछताओ!” पोस्ट वायरल हो गया, 20 लाख व्यूज आए। लोग इसे “पीक बेंगलुरु इनोवेशन” कह रहे हैं। बेंगलुरु सिटी पुलिस ने कहा “यह आइडिया रोड सेफ्टी के लिए इनोवेटिव और इंटरेस्टिंग है। हम और जानना चाहेंगे।”

यह प्रोजेक्ट अभी प्रोटोटाइप है, पंकज का शौकिया काम है। लेकिन इससे साफ है कि एआई से सडक़ सुरक्षा को नया रूप दिया जा सकता है। प्राइवेसी और डेटा मिसयूज के सवाल भी उठ रहे हैं, पर बेंगलुरु के ट्रैफिक जंग में यह एक क्रांतिकारी कदम है।

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