नालंदा जिला प्रशासन ईद और रामनवमी को लेकर अलर्ट मोड पर हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने और उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने व्यापक सुरक्षा योजना का खाका पेश किया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था केवल थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक और अतिरिक्त सैन्य बलों के तालमेल से जिले में ‘अभेद्य किला’ तैयार किया गया है। तीसरी आंख से निगरानी एसपी भारत सोनी ने बताया कि शहर की निगरानी के लिए ‘तीसरी आंख’ यानी सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है। नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर सभी मौजूदा कैमरों का अवलोकन किया जा रहा है। नगर आयुक्त स्वयं अपनी टीम के साथ कैमरों की कार्य क्षमता की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने कई नए और संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है जहां अतिरिक्त कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रैपिड एक्शन फोर्स की होगी तैनाती सुरक्षा बलों की तैनाती के सवाल पर एसपी ने कहा कि स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की भी मदद ली जा रही है। जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की जाएगी, जो विशेष रूप से दंगों और भीड़ नियंत्रण में सक्षम मानी जाती है। इसके साथ ही बिहार सैन्य पुलिस (BMP), जिला पुलिस बल (DAP), होमगार्ड और जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए चौकीदारों को भी पूरी तरह मोबिलाइज किया गया है। पांच लेवल में पेट्रोलिंग व्यवस्था त्योहारों के दौरान हुड़दंग रोकने के लिए इस बार ‘पंच-स्तरीय’ पेट्रोलिंग व्यवस्था लागू की गई है। एसपी के अनुसार, थाना स्तर की गश्त के साथ-साथ पुलिस लाइन से डायनेमिक पेट्रोलिंग, ईआरएसएस (ERSS) की टीमें और वरिष्ठ अधिकारियों व मजिस्ट्रेटों की गश्त 24 घंटे जारी रहेगी। यह पांच परतों वाली सुरक्षा व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि किसी भी सूचना पर पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम हो और किसी भी अप्रिय घटना को पनपने से पहले ही रोका जा सके। पुराने डेटा और अनुभव के आधार पर रणनीति बनाने में जुटी पुलिस एसपी ने बताया कि जिलाधिकारी और उनके स्तर से संयुक्त आदेश (Joint Order) निर्गत किए जा रहे हैं। सभी थानों में शांति समिति की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं। शराब और नशीले पदार्थों के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए उत्पाद विभाग को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस पुराने अनुभवों और डेटा के आधार पर अपनी रणनीति बना चुकी है और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। नालंदा जिला प्रशासन ईद और रामनवमी को लेकर अलर्ट मोड पर हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने और उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने व्यापक सुरक्षा योजना का खाका पेश किया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था केवल थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक और अतिरिक्त सैन्य बलों के तालमेल से जिले में ‘अभेद्य किला’ तैयार किया गया है। तीसरी आंख से निगरानी एसपी भारत सोनी ने बताया कि शहर की निगरानी के लिए ‘तीसरी आंख’ यानी सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है। नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर सभी मौजूदा कैमरों का अवलोकन किया जा रहा है। नगर आयुक्त स्वयं अपनी टीम के साथ कैमरों की कार्य क्षमता की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने कई नए और संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है जहां अतिरिक्त कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रैपिड एक्शन फोर्स की होगी तैनाती सुरक्षा बलों की तैनाती के सवाल पर एसपी ने कहा कि स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की भी मदद ली जा रही है। जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की जाएगी, जो विशेष रूप से दंगों और भीड़ नियंत्रण में सक्षम मानी जाती है। इसके साथ ही बिहार सैन्य पुलिस (BMP), जिला पुलिस बल (DAP), होमगार्ड और जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए चौकीदारों को भी पूरी तरह मोबिलाइज किया गया है। पांच लेवल में पेट्रोलिंग व्यवस्था त्योहारों के दौरान हुड़दंग रोकने के लिए इस बार ‘पंच-स्तरीय’ पेट्रोलिंग व्यवस्था लागू की गई है। एसपी के अनुसार, थाना स्तर की गश्त के साथ-साथ पुलिस लाइन से डायनेमिक पेट्रोलिंग, ईआरएसएस (ERSS) की टीमें और वरिष्ठ अधिकारियों व मजिस्ट्रेटों की गश्त 24 घंटे जारी रहेगी। यह पांच परतों वाली सुरक्षा व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि किसी भी सूचना पर पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम हो और किसी भी अप्रिय घटना को पनपने से पहले ही रोका जा सके। पुराने डेटा और अनुभव के आधार पर रणनीति बनाने में जुटी पुलिस एसपी ने बताया कि जिलाधिकारी और उनके स्तर से संयुक्त आदेश (Joint Order) निर्गत किए जा रहे हैं। सभी थानों में शांति समिति की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं। शराब और नशीले पदार्थों के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए उत्पाद विभाग को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस पुराने अनुभवों और डेटा के आधार पर अपनी रणनीति बना चुकी है और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।


