बेतिया वाल्मीकि टाइगर में बाघ शावक मगरमच्छ ने खाया:8 महीने थी उम्र, 2 डॉक्टर जांच करेंगे, अवशेषों का अंतिम संस्कार

पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में एक बाघ शावक मगरमच्छ का शिकार हो गया। शावक के अवशेष बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए मंगुराहा रेंज कार्यालय लाए गए। यह घटना मेघौली अहिरीनिया डोभ के पास हुई। पोस्टमार्टम के बाद शावक का अंतिम संस्कार जंगल स्थित बाघ शवदाह गृह में किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक (CF) गौरव ओझा ने मंगुराहा रेंज कार्यालय में बताया कि शावक की उम्र लगभग 7 से 8 माह थी। उन्होंने आशंका जताई कि शावक अपनी मां से बिछड़कर डोभ के पास पहुंच गया होगा, जहां मगरमच्छ ने उसे अपना निवाला बना लिया। ओझा ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की सटीक जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। डॉक्टरों की टीम शावक के अवशेषों का परीक्षण करेगी
पोस्टमार्टम के लिए एक पशु चिकित्सक मौके पर मौजूद हैं, जबकि दूसरे डॉक्टर बेतिया से पहुंच रहे हैं। दोनों डॉक्टरों की टीम शावक के अवशेषों का परीक्षण करेगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शावक के शरीर का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा मगरमच्छ ने खा लिया था। जांच के लिए केवल 30 से 40 प्रतिशत अवशेष ही प्राप्त हुए हैं। इस दौरान मंगुराहा में डीएफओ शिखर प्रधान, रेंजर अंशुमन साहू, फील्ड बायोलॉजिस्ट पंकज ओझा सहित अन्य वनकर्मी और अधिकारी मौजूद हैं। अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाएगा
वे पूरी पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद, निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार शावक के अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बाघ शावक के मगरमच्छ का शिकार बनने की इस घटना से क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में एक बाघ शावक मगरमच्छ का शिकार हो गया। शावक के अवशेष बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए मंगुराहा रेंज कार्यालय लाए गए। यह घटना मेघौली अहिरीनिया डोभ के पास हुई। पोस्टमार्टम के बाद शावक का अंतिम संस्कार जंगल स्थित बाघ शवदाह गृह में किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक (CF) गौरव ओझा ने मंगुराहा रेंज कार्यालय में बताया कि शावक की उम्र लगभग 7 से 8 माह थी। उन्होंने आशंका जताई कि शावक अपनी मां से बिछड़कर डोभ के पास पहुंच गया होगा, जहां मगरमच्छ ने उसे अपना निवाला बना लिया। ओझा ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की सटीक जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। डॉक्टरों की टीम शावक के अवशेषों का परीक्षण करेगी
पोस्टमार्टम के लिए एक पशु चिकित्सक मौके पर मौजूद हैं, जबकि दूसरे डॉक्टर बेतिया से पहुंच रहे हैं। दोनों डॉक्टरों की टीम शावक के अवशेषों का परीक्षण करेगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शावक के शरीर का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा मगरमच्छ ने खा लिया था। जांच के लिए केवल 30 से 40 प्रतिशत अवशेष ही प्राप्त हुए हैं। इस दौरान मंगुराहा में डीएफओ शिखर प्रधान, रेंजर अंशुमन साहू, फील्ड बायोलॉजिस्ट पंकज ओझा सहित अन्य वनकर्मी और अधिकारी मौजूद हैं। अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाएगा
वे पूरी पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद, निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार शावक के अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बाघ शावक के मगरमच्छ का शिकार बनने की इस घटना से क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *