छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु नानक ढाबा संचालक के साथ पुलिस की बदसलूकी का मामला सामने आया है। थाना प्रभारी पर मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि टीआई ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए उसकी दाढ़ी खींच दी। पुलिस ढाबा संचालक की बिना नंबर वाली गाड़ी को पकड़कर थाने ले गई थी। गाड़ी के बारे में जानकारी लेने वह चकरभाठा थाने पहुंचा। वहां बिना किसी अपराध के उसके साथ गाली-गलौज की गई। रीडर कक्ष में उसे अपराधियों जैसा व्यवहार झेलना पड़ा। घटना से आहत ढाबा संचालक ने सिख समाज के लोगों के साथ एसएसपी रजनेश सिंह से शिकायत की है। एसएसपी ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। यह पूरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। पढ़िए सिलसिलेवार पूरी कहानी… दरअसल, बोदरी निवासी कुशल माखीजा रायपुर रोड स्थित गुरु नानक ढाबा के संचालक हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार की शाम करीब 7 बजे वह किसी काम से शहर आए थे। इसी दौरान चकरभाठा थाना पुलिस उनके ढाबे पर पहुंची। वहां ढाबे में खड़ी एक बिना नंबर की बाइक को देखकर पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की और बाइक को जब्त कर थाना ले गए। जानकारी लेने पहुंचा, तो टीआई ने कर दी पिटाई रात करीब 8:30 बजे कुशल अपने ढाबे पर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसकी बाइक को पुलिस थाने ले जाया गया है। इस पर वह सीधे थाने पहुंच गया। वहां उसने टीआई उमेश साहू से ढाबे से बाइक ले जाने के बारे में जानकारी मांगी। इस पर टीआई उमेश साहू भड़क गए और उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। कुशल लगातार पूछता रहा कि उसने ऐसी क्या गलती की है, जिसके कारण उसके साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इतने में ही टीआई ने उसकी दाढ़ी खींचते हुए पिटाई शुरू कर दी। आरोप है कि पुलिस ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और उसे रीडर कक्ष में ले जाकर बैठा दिया। इसके बाद टीआई ने स्टाफ से कहा कि उसे सुबह न्यायालय में पेश किया जाए और रातभर थाने में ही बैठाए रखा जाए। 4 घंटे थाने में बैठाए रखा यह भी आरोप है कि टीआई ने कुशल के खिलाफ झूठा केस बनाकर जेल भेजने की धमकी भी दी। करीब चार घंटे तक उसे थाने में अपराधियों की तरह बैठाए रखा। आखिरकार रात 11.30 ढाबा संचालक को छोड़ दिया गया। सिख समाज के लोगों के साथ SSP से की शिकायत मंगलवार को ढाबा संचालक कुशल माखीजा ने सिख समाज के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचा, जहां उसने एसएसपी रजनेश सिंह को पूरे मामले की जानकरी दी। साथ ही टीआई उमेश साहू के खिलाफ शिकायत करते हुए दुर्व्यवहार व मारपीट करने के आरोप लगाए। इस दौरान समाज के मनजीत अरोरा, नितिन छाबड़ा, सोनू गांधी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। बिल्हा में भी TI पर उगाही का था आरोप इससे पहले भी टीआई उमेश साहू और पुलिसकर्मियों पर अवैध उगाही करने का आरोप लगा था। स्थानीय निवासी ने जुआ एक्ट के झूठे केस में फंसाने और पैसे वसूली करने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने बतौर सबूत ऑनलाइन पैसे देने का स्क्रीन शॉट भी पुलिस अफसरों को दिखाया था। इस मामले में हवलदार के खिलाफ कार्रवाई की गई। लेकिन, टीआई को क्लिन चिट दे दी गई। जांजगीर-चांपा में भी विवादित रहा थानेदार टीआई उमेश साहू इससे पहले जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना में पदस्थ थे। उस दौरान भी उनका पुलिसकर्मी से विवाद हो गया था। एक आरक्षक ने उनके साथ मारपीट भी कर दी थी। आरोप है कि थानेदार सनकी मिजाज के हैं, जिसके कारण आए दिन उनका विवाद हो जाता है। SSP ने CSP को जांच के दिए निर्देश एसएसपी रजनेश सिंह ने सिख समाज की शिकायत पर गंभीरता से जांच कराने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने सिविल लाइन सीएसपी निमितेश को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। एसएसपी ने कहा कि थाने में सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसकी जांच में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।


