अनूपपुर जिले से भटककर आए तीन जंगली हाथी अब शहडोल जिले के बुढार वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर गए हैं। हाथियों की मौजूदगी के कारण वन विभाग अलर्ट पर है और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने हाथियों की निगरानी के लिए दो विशेष टीमें गठित की हैं, जिनमें कुल 15 कर्मचारी तैनात हैं। इन टीमों की जिम्मेदारी बुढार रेंजर सलीम खान और केशवाही रेंजर अंकुर तिवारी को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, ये तीनों हाथी पिछले कुछ महीनों से अनूपपुर के जंगलों में विचरण कर रहे थे। शहडोल की सीमा में प्रवेश करने के बाद, इन्हें सबसे पहले बुढार वन परिक्षेत्र के अरझुली इलाके में देखा गया था। बीती रात हाथियों ने लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय कर पश्चिमी कटौतिया के आरएफ 87 और 88 के जंगल क्षेत्र में डेरा डाल लिया। रात के दौरान, हाथियों ने खेतों में घुसकर करीब एक एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके अतिरिक्त, बुढार क्षेत्र के कठई गांव के जमुनिया टोला में पंकू सिंह के घर में भी तोड़फोड़ की गई। हाथियों ने घर में रखा महुआ और धान खा लिया, जिससे ग्रामीण को आर्थिक क्षति हुई है। हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग आसपास के गांवों में मुनादी करवा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में खेत या जंगल की ओर न जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथी अपने पुराने कॉरिडोर के रास्ते आगे बढ़ रहे हैं और संभावना है कि वे छत्तीसगढ़ की ओर लौट सकते हैं। वन अमला उनकी निरंतर निगरानी में जुटा हुआ है।


