जू मारने वाले तेल से बनाया चावल, तीन किशोर बेहोश:गोपालगंज में सरसों तेल समझकर भूंज दिया भात; चक्कर-उल्टी के बाद अस्पताल में भर्ती

जू मारने वाले तेल से बनाया चावल, तीन किशोर बेहोश:गोपालगंज में सरसों तेल समझकर भूंज दिया भात; चक्कर-उल्टी के बाद अस्पताल में भर्ती

गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र के हाजियापुर दलित बस्ती में रविवार को एक अजीबोगरीब लेकिन चिंताजनक घटना सामने आई। सरसों तेल समझकर जूं मारने वाले तेल में चावल भूनकर खाने से तीन किशोरों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे अचेत हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। परिजनों ने आनन-फानन में तीनों किशोरों को इलाज के लिए मॉडल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इलाज के बाद उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन परिजन अब भी काफी चिंतित हैं। हाजियापुर दलित बस्ती की घटना घटना नगर थाना क्षेत्र के हाजियापुर दलित बस्ती की बताई जा रही है। अचेत हुए किशोरों में राजेश रावत का 14 वर्षीय बेटा संदीप कुमार, सुदामा रावत का 12 वर्षीय बेटा संजन कुमार और साधु रावत का 13 वर्षीय बेटा रवि कुमार शामिल हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय तीनों किशोर घर के आसपास ही थे और खेलने-कूदने के दौरान उन्हें भूख लग गई। इसी दौरान उनमें से एक किशोर ने घर में रखे हुए पके चावल को भूंजकर खाने की योजना बनाई। सरसों तेल समझकर इस्तेमाल कर लिया जूं मारने वाला तेल जानकारी के अनुसार किशोर ने घर में रखे एक बोतल में मौजूद तेल को सरसों का तेल समझ लिया। दरअसल वह जूं मारने वाला तेल था, जिसे बालों में लगाने के लिए रखा गया था। अनजाने में उसी तेल में चावल को भूंज दिया गया। इसके बाद उसने अपने दो अन्य दोस्तों को बुलाया और तीनों ने मिलकर उस तेल में भूंजे हुए चावल को खा लिया। खाने के कुछ ही देर बाद बिगड़ी तबीयत चावल खाने के कुछ ही देर बाद तीनों किशोरों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें चक्कर आने लगा और वे अचेत होने लगे। जब परिवार के सदस्यों की नजर उन पर पड़ी तो वे घबरा गए। परिजनों को समझ में नहीं आ रहा था कि एक साथ तीनों बच्चों की तबीयत कैसे बिगड़ गई। बाद में आसपास के लोगों ने बताया कि संभवतः उन्होंने जूं मारने वाले तेल में भूंजे हुए चावल खा लिए हैं। आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों में अफरातफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों किशोरों को तुरंत इलाज के लिए मॉडल सदर अस्पताल गोपालगंज के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उनकी हालत अब नियंत्रण में है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। परिजनों में बनी हुई है चिंता हालांकि डॉक्टरों की देखरेख में तीनों किशोरों की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना के बाद परिजनों में काफी चिंता और बेचैनी देखी जा रही है। परिजन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लगातार डॉक्टरों से जानकारी ले रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल तीनों को निगरानी में रखा गया है और पूरी तरह से स्वस्थ होने तक उनका इलाज जारी रहेगा। ग्रामीणों में भी बनी चर्चा इस घटना के बाद हाजियापुर दलित बस्ती और आसपास के इलाके में भी इसकी चर्चा हो रही है। लोग इसे लापरवाही और अनजाने में हुई बड़ी गलती मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में दवा और अन्य रासायनिक पदार्थों को खाने-पीने की चीजों से अलग और सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र के हाजियापुर दलित बस्ती में रविवार को एक अजीबोगरीब लेकिन चिंताजनक घटना सामने आई। सरसों तेल समझकर जूं मारने वाले तेल में चावल भूनकर खाने से तीन किशोरों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे अचेत हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। परिजनों ने आनन-फानन में तीनों किशोरों को इलाज के लिए मॉडल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इलाज के बाद उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन परिजन अब भी काफी चिंतित हैं। हाजियापुर दलित बस्ती की घटना घटना नगर थाना क्षेत्र के हाजियापुर दलित बस्ती की बताई जा रही है। अचेत हुए किशोरों में राजेश रावत का 14 वर्षीय बेटा संदीप कुमार, सुदामा रावत का 12 वर्षीय बेटा संजन कुमार और साधु रावत का 13 वर्षीय बेटा रवि कुमार शामिल हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय तीनों किशोर घर के आसपास ही थे और खेलने-कूदने के दौरान उन्हें भूख लग गई। इसी दौरान उनमें से एक किशोर ने घर में रखे हुए पके चावल को भूंजकर खाने की योजना बनाई। सरसों तेल समझकर इस्तेमाल कर लिया जूं मारने वाला तेल जानकारी के अनुसार किशोर ने घर में रखे एक बोतल में मौजूद तेल को सरसों का तेल समझ लिया। दरअसल वह जूं मारने वाला तेल था, जिसे बालों में लगाने के लिए रखा गया था। अनजाने में उसी तेल में चावल को भूंज दिया गया। इसके बाद उसने अपने दो अन्य दोस्तों को बुलाया और तीनों ने मिलकर उस तेल में भूंजे हुए चावल को खा लिया। खाने के कुछ ही देर बाद बिगड़ी तबीयत चावल खाने के कुछ ही देर बाद तीनों किशोरों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें चक्कर आने लगा और वे अचेत होने लगे। जब परिवार के सदस्यों की नजर उन पर पड़ी तो वे घबरा गए। परिजनों को समझ में नहीं आ रहा था कि एक साथ तीनों बच्चों की तबीयत कैसे बिगड़ गई। बाद में आसपास के लोगों ने बताया कि संभवतः उन्होंने जूं मारने वाले तेल में भूंजे हुए चावल खा लिए हैं। आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों में अफरातफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों किशोरों को तुरंत इलाज के लिए मॉडल सदर अस्पताल गोपालगंज के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उनकी हालत अब नियंत्रण में है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। परिजनों में बनी हुई है चिंता हालांकि डॉक्टरों की देखरेख में तीनों किशोरों की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना के बाद परिजनों में काफी चिंता और बेचैनी देखी जा रही है। परिजन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लगातार डॉक्टरों से जानकारी ले रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल तीनों को निगरानी में रखा गया है और पूरी तरह से स्वस्थ होने तक उनका इलाज जारी रहेगा। ग्रामीणों में भी बनी चर्चा इस घटना के बाद हाजियापुर दलित बस्ती और आसपास के इलाके में भी इसकी चर्चा हो रही है। लोग इसे लापरवाही और अनजाने में हुई बड़ी गलती मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में दवा और अन्य रासायनिक पदार्थों को खाने-पीने की चीजों से अलग और सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।  

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