इटली में तीन मिनट में 90 करोड़ रुपये की चोरी। न बंदूक, न लंबी लड़ाई, न कोई हॉलीवुड वाला नाटक। बस तीन मिनट, और तीन बेशकीमती पेंटिंग्स गायब।
इटली के पर्मा शहर में मैग्नानी रोक्का फाउंडेशन म्यूजियम में 22 और 23 मार्च की दरमियानी रात को कुछ ऐसा ही हुआ। दुनिया को इसकी खबर तब मिली जब पुलिस ने रविवार को इसकी पुष्टि की।
कौन सी पेंटिंग्स चुराई गईं?
जो तीन पेंटिंग्स चोर उठा ले गए वो कोई साधारण तस्वीरें नहीं थीं। रेनुआर की ‘फिश’, सेजान की ‘स्टिल लाइफ विद चेरीज’ और मातिस की ‘ओडालिस्क ऑन द टेरेस’, ये तीनों पेंटिंग्स मिलकर करीब 10 मिलियन डॉलर यानी लगभग 90 से 95 करोड़ रुपये की हैं।
यह वही म्यूजियम है जहां ड्यूरर, रूबेन्स, गोया और मोने जैसे महान कलाकारों की कृतियां भी सहेजकर रखी गई हैं। 1977 में आर्ट हिस्टोरियन लुइगी मैग्नानी के कलेक्शन से यह फाउंडेशन बना था।
अलार्म न बजता तो और भी ले जाते
फाउंडेशन की तरफ से बताया गया कि यह चोरी बेहद सोची-समझी और संगठित तरीके से की गई। पूरा काम तीन मिनट से भी कम वक्त में हो गया। लेकिन चोरों की किस्मत उतनी अच्छी नहीं रही।
सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई और अलार्म बज उठा। जानकारों का कहना है कि अगर यह अलार्म नहीं बजता तो चोर और भी कई कीमती पेंटिंग्स ले जाते। भागने के लिए उन्होंने म्यूजियम से लगे बगीचे का रास्ता इस्तेमाल किया। पुलिस की शुरुआती जांच में यही सामने आया है।
यह पहली बार नहीं है
यह घटना अकेली नहीं है। इससे पहले 19 अक्टूबर 2025 को पेरिस के मशहूर लूव्र म्यूजियम में नकाबपोश चोरों ने केवल 4 से 7 मिनट में 19वीं सदी के 8 से 9 शाही आभूषण उड़ा लिए थे जिनकी कीमत 800 करोड़ रुपये से भी ज्यादा थी।
उस वारदात में चोर सीढ़ी के जरिए खिड़की से घुसे, शीशे के डिस्प्ले तोड़े और मोटरसाइकिलों पर फरार हो गए। कुछ संदिग्ध पकड़े गए लेकिन चुराया हुआ सामान आज तक नहीं मिला।
म्यूजियम की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
दोनों घटनाएं एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं कि दुनिया के सबसे कीमती कला संग्रहों की सुरक्षा इतनी कमजोर क्यों है। जब चोर तीन से सात मिनट में करोड़ों की संपत्ति उठाकर भाग सकते हैं तो इन म्यूजियमों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सोचने की जरूरत है।
पर्मा की यह चोरी अभी भी अनसुलझी है। पुलिस जांच जारी है और चोरों की तलाश चल रही है। लेकिन रेनुआर, सेजान और मातिस की वो तीन पेंटिंग्स अभी भी लापता हैं।


