राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का तीन दिवसीय ट्रेनिंग शुरू:स्वास्थ्य कर्मियों को नई तकनीक-दिशा निर्देश के बारे में बताया गया

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का तीन दिवसीय ट्रेनिंग शुरू:स्वास्थ्य कर्मियों को नई तकनीक-दिशा निर्देश के बारे में बताया गया

मधुबनी जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत कार्यरत चलंत चिकित्सा दलों के दूसरे बैच का तीन दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण सदर अस्पताल में गुरुवार को शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और चिकित्सा कर्मियों को नवीनतम दिशा-निर्देशों व तकनीकी जानकारी से अवगत कराना है। प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने आरबीएसके कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों में जन्मजात विकार, विकास संबंधी देरी, पोषण की कमी और बीमारियों की समय पर पहचान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉ. कुमार ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से चिकित्सा दलों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, जिससे विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी.एस. सिंह ने कहा कि फील्ड में कार्यरत आरबीएसके दलों को अद्यतन जानकारी प्रदान करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित दल न केवल बच्चों की स्वास्थ्य जांच करेंगे, बल्कि गंभीर मामलों को समय पर रेफर कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने में भी सहायक होंगे। आरबीएसके के जिला समन्वयक दीपक कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण में मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भाग ले रहे हैं। बच्चों की स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया, रेफरल प्रणाली, रिकॉर्ड संधारण और प्रभावी स्वास्थ्य संचार के तरीके सिखाए जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह रिफ्रेशर प्रशिक्षण दलों को व्यावहारिक ज्ञान से लैस करेगा, जिससे वे विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच अधिक दक्षता से कर पाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के उपरांत सभी चिकित्सा दल अपने-अपने क्षेत्रों में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त रूप से लागू करेंगे। इससे जिले में बच्चों की बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, आरबीएसके के जिला समन्वयक दीपक कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। प्रशिक्षण में आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट और एएनएम को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और शुरुआती रोग पहचान पर विशेष जोर देते हुए प्रशिक्षित किया गया। मधुबनी जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत कार्यरत चलंत चिकित्सा दलों के दूसरे बैच का तीन दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण सदर अस्पताल में गुरुवार को शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और चिकित्सा कर्मियों को नवीनतम दिशा-निर्देशों व तकनीकी जानकारी से अवगत कराना है। प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने आरबीएसके कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों में जन्मजात विकार, विकास संबंधी देरी, पोषण की कमी और बीमारियों की समय पर पहचान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉ. कुमार ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से चिकित्सा दलों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, जिससे विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी.एस. सिंह ने कहा कि फील्ड में कार्यरत आरबीएसके दलों को अद्यतन जानकारी प्रदान करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित दल न केवल बच्चों की स्वास्थ्य जांच करेंगे, बल्कि गंभीर मामलों को समय पर रेफर कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने में भी सहायक होंगे। आरबीएसके के जिला समन्वयक दीपक कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण में मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भाग ले रहे हैं। बच्चों की स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया, रेफरल प्रणाली, रिकॉर्ड संधारण और प्रभावी स्वास्थ्य संचार के तरीके सिखाए जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह रिफ्रेशर प्रशिक्षण दलों को व्यावहारिक ज्ञान से लैस करेगा, जिससे वे विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच अधिक दक्षता से कर पाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के उपरांत सभी चिकित्सा दल अपने-अपने क्षेत्रों में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त रूप से लागू करेंगे। इससे जिले में बच्चों की बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, आरबीएसके के जिला समन्वयक दीपक कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। प्रशिक्षण में आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट और एएनएम को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और शुरुआती रोग पहचान पर विशेष जोर देते हुए प्रशिक्षित किया गया।  

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