धार में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा उदय रंजन क्लब परिसर में तीन दिवसीय जिला स्तरीय कृषि मेले का शुभारंभ किया गया। विधायक नीना विक्रम वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में इसका उद्घाटन किया, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। अपने संबोधन में विधायक नीना विक्रम वर्मा ने कहा कि पूर्वज कोदो-कुटकी, रागी, सांवा, ज्वार और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों का उत्पादन और उपभोग करते थे, जिससे गंभीर बीमारियां नहीं होती थीं। उन्होंने वर्तमान में गेहूं और सोयाबीन की लगातार खेती से मिट्टी की घटती उर्वरता पर चिंता व्यक्त की। वर्मा ने किसानों से मिलेट्स मिशन योजना का लाभ उठाकर ‘श्रीअन्न’ की खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने नरवाई न जलाने की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। कृषि स्थायी समिति के सभापति अशोक डावर ने मिलेट फसलों को खेती और भोजन दोनों में शामिल करने पर जोर दिया। उप संचालक कृषि ज्ञानसिंह मोहनिया ने बताया कि प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ मनाया जा रहा है, जिसके तहत कृषि रथों के माध्यम से गांव-गांव में योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है। मेले में 80 से अधिक आधुनिक कृषि प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए थे। इनमें बीज, खाद, दवाई, उन्नत कृषि यंत्र, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकें प्रदर्शित की गईं। तकनीकी सत्र में वैज्ञानिक अमृतलाल बसेडिया और नरेश गुप्ता ने मिलेट उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर लक्की ड्रॉ के माध्यम से किसानों को पुरस्कार भी दिए गए। अशोक भारमल को नैनो डीएपी लक्की ड्रॉ में 1 ग्राम सोना मिला। फार्मटेक कंपनी से दो किसानों ने ट्रैक्टर खरीदे, जबकि छह किसानों ने नरवाई प्रबंधन यंत्र की बुकिंग कराई। मेले में जिले के लगभग 1750 किसान उपस्थित रहे।


