सहरसा नगर निगम क्षेत्र के पासवान टोला में कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। बजरंग दल की सूचना पर पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि दो महिलाएं फरार हो गईं। कुछ लोग खुद को धार्मिक उपदेशक बताकर रहे थे प्रोत्साहित बजरंग दल को सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग खुद को धार्मिक उपदेशक बताकर हिंदू समाज के गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस सूचना पर बजरंग दल के जिला अध्यक्ष पिंपल सिंह, जिला सुरक्षा प्रमुख मानस मिश्रा और अनंत झा रोशन (आजाद) के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची। गरीब-पिछड़े वर्ग के लोगों को फ्रिज और 50 हजार का लालच बजरंग दल की टीम के अनुसार, मौके पर कुल पांच लोग मौजूद थे, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। पुरुषों में से एक ने खुद को पास्टर धर्मेंद्र राय बताया, जो पंचगछिया, विराट का निवासी है। प्रारंभिक जानकारी और स्थानीय लोगों के बयानों के अनुसार, ये लोग गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को मैक्सी फ्रिज, 50 हजार रुपये नकद, इलाज और अन्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए कथित रूप से ‘ब्रेनवॉश’ कर रहे थे। हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से पुलिस कर रही पूछताछ सूचना मिलने पर सदर थाना के थानाध्यक्ष सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों पुरुषों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, दो महिलाएं मौके से निकलने में सफल रहीं। फिलहाल, हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। धोखे, दबाव या आर्थिक प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कानूनी अपराध बजरंग दल ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी धर्म के विरुद्ध नहीं है। संगठन का कहना है कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म को मानने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन लालच, धोखे, दबाव या आर्थिक प्रलोभन से कराया गया धर्म परिवर्तन कानूनन अपराध है। बजरंग दल ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने, इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। सहरसा नगर निगम क्षेत्र के पासवान टोला में कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। बजरंग दल की सूचना पर पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि दो महिलाएं फरार हो गईं। कुछ लोग खुद को धार्मिक उपदेशक बताकर रहे थे प्रोत्साहित बजरंग दल को सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग खुद को धार्मिक उपदेशक बताकर हिंदू समाज के गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस सूचना पर बजरंग दल के जिला अध्यक्ष पिंपल सिंह, जिला सुरक्षा प्रमुख मानस मिश्रा और अनंत झा रोशन (आजाद) के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची। गरीब-पिछड़े वर्ग के लोगों को फ्रिज और 50 हजार का लालच बजरंग दल की टीम के अनुसार, मौके पर कुल पांच लोग मौजूद थे, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। पुरुषों में से एक ने खुद को पास्टर धर्मेंद्र राय बताया, जो पंचगछिया, विराट का निवासी है। प्रारंभिक जानकारी और स्थानीय लोगों के बयानों के अनुसार, ये लोग गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को मैक्सी फ्रिज, 50 हजार रुपये नकद, इलाज और अन्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए कथित रूप से ‘ब्रेनवॉश’ कर रहे थे। हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से पुलिस कर रही पूछताछ सूचना मिलने पर सदर थाना के थानाध्यक्ष सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों पुरुषों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, दो महिलाएं मौके से निकलने में सफल रहीं। फिलहाल, हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। धोखे, दबाव या आर्थिक प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कानूनी अपराध बजरंग दल ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी धर्म के विरुद्ध नहीं है। संगठन का कहना है कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म को मानने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन लालच, धोखे, दबाव या आर्थिक प्रलोभन से कराया गया धर्म परिवर्तन कानूनन अपराध है। बजरंग दल ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने, इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।


