अमरोहा के मोहल्ला छेवड़ा में शनिवार रात कांवड़ शिविर के पास दो गुटों के बीच हुए संघर्ष और पथराव के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक घायल आरोपी का पुलिस हिरासत में उपचार चल रहा है। पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना अमरोहा शहर के मोहल्ला छेवड़ा में शनिवार देर रात हुई, जब दो समुदायों के बीच हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटे शिवभक्तों की सेवा के लिए मोहल्ले के शिव मंदिर के पास स्थानीय लोगों ने एक सेवा शिविर लगाया था। शिविर में डीजे पर धार्मिक भजन बज रहे थे और भंडारा चल रहा था। बताया जा रहा है कि उसी दौरान शिविर के पीछे सड़क पर दूसरे संप्रदाय के कुछ युवक जन्मदिन की पार्टी मना रहे थे। शिविर के पास खड़े मोहल्ले के युवकों की उनसे किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। यह विवाद जल्द ही बढ़ गया और दोनों ओर से लोग आमने-सामने आ गए, जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान जमकर पथराव भी हुआ, जिसमें एक सिपाही समेत पांच लोग घायल हो गए। इसी बीच, कांवड़ियों पर पथराव किए जाने की अफवाह फैल गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। भगदड़ में दो-तीन शिवभक्तों को भी चोटें आईं। कोतवाली पुलिस देरी से मौके पर पहुंची और उसे स्थानीय लोगों के गुस्से और विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से बिगड़ते हालात पर काबू पाया। पुलिस ने इस मामले में चार नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि शानू (निवासी छेबड़ा) और मोहम्मद अदनान (निवासी मोहल्ला छोटी बेगम सराय) को गिरफ्तार कर चालान किया गया है। वहीं, एक अन्य आरोपी इमरान (निवासी बटवाल) का जिला अस्पताल में पुलिस हिरासत में इलाज चल रहा है। एसपी ने यह भी बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


