भास्कर न्यूज | मालखरौदा अनुविभाग क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भू‑जल स्तर में तेज गिरावट से किसानों और आम नागरिकों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। अभी गर्मी शुरू भी नहीं हुई है, इसके बावजूद कई जगहों पर जलस्तर 300 फीट से अधिक गहराई में पहुंच गया है। निजी ट्यूबवेल से सिंचाई करना मुश्किल हो गया है और रबी फसल प्रभावित होने लगी है। किसानों का कहना है कि सीमित रकबे में रबी फसल बोई गई है और अब तक आधे से अधिक लागत लग चुकी है, लेकिन ट्यूबवेल से बहुत कम पानी निकलने के कारण फसल सूखने की कगार पर है। समय पर पानी की व्यवस्था न हुई तो भारी आर्थिक नुकसान का खतरा है और किसान कर्ज के बोझ में दब सकते हैं। सिर्फ खेती ही नहीं, पेयजल संकट भी बढ़ रहा है। घरों में लगे मोटर पंप से कम पानी आने से दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं और ग्रामीणों को सुबह‑शाम पानी भरने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ रही है।


