पूर्णिया सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कोर्ट प्रशासन के आधिकारिक ईमेल पर आए इस धमकी भरे संदेश के बाद पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता, मेटल डिटेक्टर से कैंपस के चप्पे-चप्पे की सघन जांच की जा रही है। पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। मुख्य भवन, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और सभी प्रवेश द्वारों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। हालांकि शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। इससे पहले 13 फरवरी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। मेटल डिटेक्टर से जांच एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सभी गेट पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है। पहचान पत्र की जांच भी अनिवार्य कर दी गई है। अधिवक्ता संघ के गेट पर भी विशेष जांच व्यवस्था लागू की गई है। जांच के बाद ही वकीलों और अन्य लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही अनावश्यक क्लाइंट्स की एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है। इसी बीच, कोर्ट परिसर के गेट पर एक आधिकारिक सूचना भी चस्पा की गई है, जिसमें अधिवक्ताओं से सहयोग और सतर्कता बरतने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। आरोपी की पहचान में जुटी पुलिस वहीं, साइबर सेल की टीम धमकी भरे ईमेल की जांच में जुट गई है। ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान होते ही उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर की स्थायी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और सहयोग करने की अपील की है। पूर्णिया सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कोर्ट प्रशासन के आधिकारिक ईमेल पर आए इस धमकी भरे संदेश के बाद पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता, मेटल डिटेक्टर से कैंपस के चप्पे-चप्पे की सघन जांच की जा रही है। पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। मुख्य भवन, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और सभी प्रवेश द्वारों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। हालांकि शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। इससे पहले 13 फरवरी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। मेटल डिटेक्टर से जांच एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सभी गेट पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है। पहचान पत्र की जांच भी अनिवार्य कर दी गई है। अधिवक्ता संघ के गेट पर भी विशेष जांच व्यवस्था लागू की गई है। जांच के बाद ही वकीलों और अन्य लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही अनावश्यक क्लाइंट्स की एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है। इसी बीच, कोर्ट परिसर के गेट पर एक आधिकारिक सूचना भी चस्पा की गई है, जिसमें अधिवक्ताओं से सहयोग और सतर्कता बरतने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। आरोपी की पहचान में जुटी पुलिस वहीं, साइबर सेल की टीम धमकी भरे ईमेल की जांच में जुट गई है। ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान होते ही उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर की स्थायी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और सहयोग करने की अपील की है।


