किशनगंज व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। गुरुवार को यह धमकी ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिवहन और पुलिस विभाग ने बिहार-बंगाल सीमा पर स्थित रामपुर चेकपोस्ट पर चौकसी बढ़ा दी है। अधिकारी बंगाल की ओर से आने वाले सभी वाहनों की सघन जांच कर रहे हैं। प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें वाहन चालकों से पूछताछ के साथ-साथ वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। पुलिस अधिकारी मामले को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरत रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी किशनगंज पहुंची थी हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी किशनगंज पहुंची थी। NIA ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े आधा दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की थी। अब धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद जिले में चौकसी और बढ़ा दी गई है। बांग्लादेश से महज 22 किलोमीटर दूर किशनगंज की सीमा किशनगंज की सीमा बांग्लादेश से महज 22 किलोमीटर दूर है, जिसे पश्चिम बंगाल की लगभग 20-22 किलोमीटर चौड़ी एक संकरी पट्टी अलग करती है। नेपाल की सीमा भी कुछ हिस्सों में लगभग 45 किलोमीटर दूर है। शहरी क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल की दूरी मात्र 1 किलोमीटर रह जाती है। किशनगंज ‘चिकेन नेक’ का हिस्सा है, जो भारत के मुख्य भू-भाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाली एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकरी पट्टी है। किशनगंज व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। गुरुवार को यह धमकी ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिवहन और पुलिस विभाग ने बिहार-बंगाल सीमा पर स्थित रामपुर चेकपोस्ट पर चौकसी बढ़ा दी है। अधिकारी बंगाल की ओर से आने वाले सभी वाहनों की सघन जांच कर रहे हैं। प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें वाहन चालकों से पूछताछ के साथ-साथ वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। पुलिस अधिकारी मामले को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरत रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी किशनगंज पहुंची थी हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी किशनगंज पहुंची थी। NIA ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े आधा दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की थी। अब धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद जिले में चौकसी और बढ़ा दी गई है। बांग्लादेश से महज 22 किलोमीटर दूर किशनगंज की सीमा किशनगंज की सीमा बांग्लादेश से महज 22 किलोमीटर दूर है, जिसे पश्चिम बंगाल की लगभग 20-22 किलोमीटर चौड़ी एक संकरी पट्टी अलग करती है। नेपाल की सीमा भी कुछ हिस्सों में लगभग 45 किलोमीटर दूर है। शहरी क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल की दूरी मात्र 1 किलोमीटर रह जाती है। किशनगंज ‘चिकेन नेक’ का हिस्सा है, जो भारत के मुख्य भू-भाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाली एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकरी पट्टी है।


