देख लेने की धमकी और फिर कत्ल… पटना में दादा ने पोते को मारी गोली, भैंस बना विवाद की वजह

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के धनारुआ ब्लॉक में स्थित निजामत गांव में एक दादा ने मामूली विवाद में चचेरे पोते को गोली मार दी। जिससे इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई। मृतक की पहचान भूषण यादव के 25 वर्षीय बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। हत्या से ठीक एक दिन पहले दादा और पोते के बीच कुछ विवाद भी हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने मृतक को देख लेने की धमकी दी थी।

भैंस बनी हत्या की वजह

जानकारी के अनुसार आरोपी बिजेंद्र यादव और मृतक सोनू के परिवार के बीच जमीन के अधिकार और वर्चस्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में रविवार को दादा बिजेंद्र ने अपने सगे पोते रोशन के साथ मिलकर सोनू के घर के दरवाजे पर बंधी एक भैंस को जबरदस्ती खोल लिया, उसे अपने घर ले गया और वहीं बांध दिया। जब सोनू घर लौटा और उसे इस घटना के बारे में पता चला, तो वह अपनी भैंस वापस लाने के लिए बिजेंद्र के घर गया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और मामला हिंसा में बदल गया।

सीने में गोली मारी, अस्पताल में मौत

आरोप है कि सोनू ने जैसे ही भैंस खोलना शुरू किया आरोपी बिजेंद्र यादव गुस्से से आग-बबूला हो गया। उसने अपनी कमर से एक पिस्तौल निकाली और सोनू के सीने में सीधे गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और घायल सोनू को आनन-फानन में दनियावां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गए। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद और उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे NMCH (नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल) रेफर कर दिया। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, अस्पताल पहुंचने से पहले ही सोनू अपनी आखिरी सांस ले चुका था। उसकी मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई।

पहले से चला आ रहा था विवाद

पुलिस जांच से पता चला है कि घटना से एक शाम पहले जब सोनू और बिजेंद्र शराब पी रहे थे तब उनके बीच तीखी बहस हुई थी। चश्मदीदों के अनुसार, नशे की हालत में बिजेंद्र ने सोनू को धमकी दी थी और उसे चेतावनी दी थी कि उसे जल्द ही इसके अंजाम भुगतने पड़ेंगे। पीड़ित के परिवार वालों का आरोप है कि भैंस खोलने का बहाना महज एक चाल थी। बिजेंद्र पहले से ही हत्या करने की ताक में बैठा था और जैसे ही उसे मौका मिला उसने वारदात को अंजाम दे दिया।

देर से पहुंची पुलिस तो भड़के ग्रामीण

घटना की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद जब धनारुआ पुलिस को निजामत गांव पहुंची, तो उन्हें ग्रामीणों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धनारुआ पुलिस थाना गांव से 20 किलोमीटर दूर स्थित है और पुलिस के समय पर न पहुंचने के कारण अपराधी बेखौफ होकर यहां वारदातों को अंजाम देते हैं। जिसके बादSDPO-2 कन्हैया सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने भीड़ को शांत कराया।

आरोपी परिवार फरार

हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी दादा बिजेंद्र यादव और उसका पोता, रोशन कुमार मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही जांच के लिए FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया। आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

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