किशनगंज में मिली हजारों साल पुरानी विष्णु प्रतिमा:देखने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़, शेखर कुमार बोले-घर में रखकर करेंगे पूजा

किशनगंज में मिली हजारों साल पुरानी विष्णु प्रतिमा:देखने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़, शेखर कुमार बोले-घर में रखकर करेंगे पूजा

किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में मिट्टी खुदाई के दौरान भगवान विष्णु की एक प्राचीन प्रतिमा मिली है। प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही इसे देखने के लिए दूर-दराज से सैकड़ों लोग उमड़ पड़े हैं। यह घटना बहादुरगंज थाना क्षेत्र के सरण्डा गांव की है। यहां एक ट्रैक्टर चालक शेखर कुमार अपने खेत में मिट्टी की खुदाई और जुताई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जमीन के अंदर से यह प्रतिमा प्राप्त हुई। मिली हुई प्रतिमा भगवान विष्णु की बताई जा रही है, जिसे हजारों वर्ष पुराना माना जा रहा है। ट्रैक्टर चालक शेखर कुमार ने प्रतिमा मिलने के बाद उसे रामचर भौरादह स्थित अपने घर ले जाकर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ स्थापित किया है। शेखर कुमार के घर पहुंच रहे लोग प्रतिमा की सूचना मिलते ही इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग शेखर कुमार के घर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस खोज को लेकर कौतूहल बना हुआ है। कुछ लोग इसे धार्मिक महत्व से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ अन्य इसे प्राचीन सभ्यता या किसी मंदिर के अवशेष का हिस्सा मान रहे हैं। वही शेखर कुमार का कहना है यह उन्हें ईश्वर से आशीर्वाद के रूप में दिया है, इसे वो अपने ही घर में रखकर इसका मंदिर बना कर पूजा अर्चना करेंगे। किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में मिट्टी खुदाई के दौरान भगवान विष्णु की एक प्राचीन प्रतिमा मिली है। प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही इसे देखने के लिए दूर-दराज से सैकड़ों लोग उमड़ पड़े हैं। यह घटना बहादुरगंज थाना क्षेत्र के सरण्डा गांव की है। यहां एक ट्रैक्टर चालक शेखर कुमार अपने खेत में मिट्टी की खुदाई और जुताई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जमीन के अंदर से यह प्रतिमा प्राप्त हुई। मिली हुई प्रतिमा भगवान विष्णु की बताई जा रही है, जिसे हजारों वर्ष पुराना माना जा रहा है। ट्रैक्टर चालक शेखर कुमार ने प्रतिमा मिलने के बाद उसे रामचर भौरादह स्थित अपने घर ले जाकर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ स्थापित किया है। शेखर कुमार के घर पहुंच रहे लोग प्रतिमा की सूचना मिलते ही इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग शेखर कुमार के घर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस खोज को लेकर कौतूहल बना हुआ है। कुछ लोग इसे धार्मिक महत्व से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ अन्य इसे प्राचीन सभ्यता या किसी मंदिर के अवशेष का हिस्सा मान रहे हैं। वही शेखर कुमार का कहना है यह उन्हें ईश्वर से आशीर्वाद के रूप में दिया है, इसे वो अपने ही घर में रखकर इसका मंदिर बना कर पूजा अर्चना करेंगे।  

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