जलाशय में सीवर का पानी, हजारों मछलियां मरीं:अधिकारी शिकायत वापस लेने का बना रहे दबाव, टैक्स चुकाना मुश्किल

जलाशय में सीवर का पानी, हजारों मछलियां मरीं:अधिकारी शिकायत वापस लेने का बना रहे दबाव, टैक्स चुकाना मुश्किल

डिंडोरी के वार्ड क्रमांक 13 स्थित जलाशय में सीवर लाइन के रिसाव से हजारों मछलियां मर गईं। ठाकुरदेव समूह ने इस जलाशय को मछली पालन कर आजीविका चलाने के लिए लीज पर लिया था। समूह के अध्यक्ष का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद अधिकारी शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। समूह के अध्यक्ष पीतम बर्मन ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2020 में नगर परिषद से यह जलाशय 10 साल के लिए लीज पर लिया था। समूह के 14 सदस्यों ने लगभग 4 लाख रुपये का कर्ज लेकर जलाशय में मछली बीज डाला था। जलाशय के किनारे सीवर लाइन बिछाई गई है, जिससे जहरीला पानी रिसकर तालाब में मिल रहा है। जहरीले पानी के कारण मछलियां मर गईं, जिससे समूह को भारी नुकसान हुआ है। बर्मन के अनुसार, अधिकारियों से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद अधिकारी उन्हें शिकायत वापस लेने और तालाब का गहरीकरण कराने के लिए कुछ पैसे लेने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नपा अध्यक्ष सुनीता सारस के घर का गंदा पानी भी सीधे तालाब में जा रहा है। समूह के सदस्य सतीश बर्मन ने बताया कि पहले जलाशय का जल स्तर पूरा रहता था, लेकिन सीवर लाइन बिछने के बाद से पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे जल स्तर लगातार कम हो रहा है। सीवर की गंदगी मिलने से पानी निस्तार के लायक भी नहीं बचा है। समूह के सदस्य चंदा इकट्ठा कर सालाना 2800 रुपये का टैक्स चुका रहे हैं। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार, अमृत योजना 2.0 के तहत दो साल से जलाशय के सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। इस पर 64 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें घाट निर्माण, वॉल पिचिंग और गहरीकरण का काम शामिल है।
नपा अध्यक्ष सुनीता सारस ने बताया कि जब सीवर लाइन के पाइप डालने का काम चल रहा था, तो उन्होंने भी इसका विरोध किया था।कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दी थी।।काम भोपाल स्तर उनका स्टीमेट पहले से बना हुआ होगा।नगर परिषद ने कोई परमिशन नहीं दी।मेरे घर का कनेक्शन ओपन हैं इसलिए गंदा पानी जा रहा है।मैं बोलकर ठीक करवा देती हूँ।
सुनीता सारस, नपा अध्यक्ष

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