भभुआ में श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश उत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्री तेग बहादुर गुरुद्वारा से दोपहर 2 बजे शुरू हुई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा का नेतृत्व पंच प्यारों ने किया। गुरुद्वारा के प्रधान राजेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि यह शोभायात्रा ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के प्रांगण से शुरू हुई। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया तले पंच प्यारों के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में गुरु साहिब की शिक्षाओं और बलिदान को दर्शाती भव्य झांकियां भी शामिल थीं। भभुआ विधायक भरत बिंद भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ उत्सव में भाग लिया और गुरु की शिक्षाओं की सराहना की। प्रधान खालसा के अनुसार, शोभायात्रा का मुख्य उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और गुरु गोविंद सिंह जी के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाना था। इसका लक्ष्य देश की आवश्यकता पड़ने पर सनातन धर्म की रक्षा के लिए गुरु के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना है। गुरु के जयकारों से गूंज उठा शहर इस अवसर पर नरेंद्र आर्य, मनोज जायसवाल, विशंभर पांडेय, रघुवंश राम सहित बड़ी संख्या में अन्य श्रद्धालु भी मौजूद थे। गुरु के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। यह शोभायात्रा स्थानीय स्तर पर धार्मिक एकता और गुरु की शिक्षाओं के प्रति समर्पण का प्रतीक बनी। भभुआ में श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश उत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्री तेग बहादुर गुरुद्वारा से दोपहर 2 बजे शुरू हुई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा का नेतृत्व पंच प्यारों ने किया। गुरुद्वारा के प्रधान राजेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि यह शोभायात्रा ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के प्रांगण से शुरू हुई। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया तले पंच प्यारों के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में गुरु साहिब की शिक्षाओं और बलिदान को दर्शाती भव्य झांकियां भी शामिल थीं। भभुआ विधायक भरत बिंद भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ उत्सव में भाग लिया और गुरु की शिक्षाओं की सराहना की। प्रधान खालसा के अनुसार, शोभायात्रा का मुख्य उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और गुरु गोविंद सिंह जी के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाना था। इसका लक्ष्य देश की आवश्यकता पड़ने पर सनातन धर्म की रक्षा के लिए गुरु के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना है। गुरु के जयकारों से गूंज उठा शहर इस अवसर पर नरेंद्र आर्य, मनोज जायसवाल, विशंभर पांडेय, रघुवंश राम सहित बड़ी संख्या में अन्य श्रद्धालु भी मौजूद थे। गुरु के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। यह शोभायात्रा स्थानीय स्तर पर धार्मिक एकता और गुरु की शिक्षाओं के प्रति समर्पण का प्रतीक बनी।


