मौनी अमावस्या पर आस्था का संगम: ब्रजघाट और तिगरी गंगा धाम में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब!

मौनी अमावस्या पर आस्था का संगम: ब्रजघाट और तिगरी गंगा धाम में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब!

Mauni Amavasya 2026: अमरोहा में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर रविवार तड़के ही ब्रजघाट और तिगरी गंगा धाम पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ठंड की परवाह किए बिना हजारों लोग गंगा के निर्मल जल में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे। घाटों पर “जय गंगा मैया” और “हर हर गंगे” के गूंजते जयकारों के बीच भक्तों ने स्नान कर पुण्य लाभ कमाया और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं।

दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु, बना भक्ति का महासंगम

दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान समेत आसपास के जिलों मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, रामपुर, मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ से भी बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने घाटों पर पूजा-अर्चना के साथ सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। गंगा तट पर बने अस्थायी बाजारों में पूजा सामग्री, प्रसाद और धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी भी दिनभर चलती रही।

तिगरी गंगा धाम में गांव-शहर का साझा उत्साह

तिगरी गंगा धाम पर गजरौला शहर और आसपास के गांवों से आए भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ गंगा स्नान किया। परिवारों और बुजुर्गों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने घाटों पर बैठकर भजन-कीर्तन किया और दान-पुण्य में हिस्सा लिया। धार्मिक वातावरण और सामाजिक मेल-जोल ने इस पर्व को सामूहिक आस्था का रूप दे दिया।

सुरक्षा और व्यवस्था में जुटा प्रशासन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और गोताखोरों की टीम घाटों पर तैनात रही। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन की सक्रियता के चलते श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से पर्व का आनंद लिया।

आस्था से जुड़ी मान्यताओं ने बढ़ाया श्रद्धा का भाव

मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर गंगा में स्नान और दान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने दीपदान, अन्नदान और जरूरतमंदों की सहायता कर पुण्य अर्जित किया। दिनभर घाटों पर भक्ति, सेवा और समर्पण का माहौल बना रहा।

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