Glaucoma: आपने कभी सोचा है कि जिन लोगों के पास आंखें नहीं होतीं, आखिर वे कैसे अपना जीवन जीते हैं? उन्हें देखकर हम सब बस यही सोचते हैं कि भगवान किसी को भी आंखों से वंचित न करे। बिना आंखों के जीवन का क्या ही मोल रह जाता है! अब आप सोचिए, आपके पास आंखें हैं लेकिन आप फिर भी उनका ख्याल नहीं रखते हैं।
हर साल जनवरी के महीने को ‘ग्लूकोमा जागरूकता माह’ के रूप में मनाया जाता है। ग्लूकोमा हमारी आंख की वह स्थिति है जिसमें आंख की नस यानी ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) को नुकसान होता है। हमारी आंखों से यही नस दिमाग को संकेत देती है। जब ग्लूकोमा होता है, तो यही नस आंख के अंदर सूखने लगती है। आइए जानते हैं कि ग्लूकोमा क्या होता है? यह क्यों होता है? इसके लक्षण क्या होते हैं और इसका बचाव कैसे किया जा सकता है।
क्या होता है ग्लूकोमा (Glaucoma)?
हमारी आंख के अंदर एक तरल पदार्थ होता है। जब यह पदार्थ बाहर नहीं निकल पाता या जरूरत से ज्यादा बनने लगता है, तो यह हमारी आंख की ऑप्टिक नर्व को घायल करता है। जब यह नस क्षतिग्रस्त होती है, तो इसका सीधा प्रभाव दृष्टि पर पड़ता है, जिससे दिमाग तक सही सिग्नल नहीं जाते हैं और हमें दिखाई देने में बहुत ज्यादा दिक्कत होती है।
ग्लूकोमा के कारण क्या होते हैं?(Glaucoma Cause)
- आंखों पर दबाव का बढ़ना।
- उम्र का 40 वर्ष से ज्यादा होना।
- ज्यादा नंबर का चश्मा होना।
- लंबे समय से स्टेरॉइड्स वाली दवाएं लेना।
- परिवार में पहले किसी को ग्लूकोमा हुआ हो।
- बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर।
ग्लूकोमा के लक्षण क्या होते हैं?(Glaucoma Symptoms)
- आंख के बिल्कुल सामने की चीज ही साफ दिखाई देना (किनारों का धुंधला होना)।
- सुरंग में देखने जैसी स्थिति (Tunnel Vision) बन जाना।
- धुंधला दिखाई देना।
- आंखों के साथ सिर में तेज दर्द होना।
- अचानक से तेज दर्द के साथ कुछ भी दिखाई न देना।
ग्लूकोमा से बचने के उपाय क्या होते हैं?(Glaucoma Prevention)
- आंखों की नियमित जांच करवाते रहें।
- आंखों की छोटी सी समस्या को भी नजरअंदाज न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों में कोई ड्रॉप न डालें।
- स्वस्थ जीवनशैली और खान-पान का ध्यान रखें।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


