आर अश्विन ने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास को लेकर चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट बाकी है। अगर वह कहें कि मैं वापस आना चाहता हूं तो बहुत अच्छा होगा। हालांकि यह फैसला लेना उनके लिए आसान नहीं है।
विराट कोहली के साथ वर्षों तक ड्रेसिंग रूम शेयर करने वाले आर अश्विन ने खुलासा किया कि उन्होंने निजी तौर पर अपने पूर्व कप्तान से कहा था कि उनमें अभी भी टेस्ट क्रिकेट बाकी है। पिछले साल इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से हटने का कोहली का फैसला क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला था। खासकर तब जब कई लोगों का मानना था कि इस सबसे लंबे फॉर्मेट में वह अभी भी बहुत कुछ दे सकते हैं। यह फैसला आईपीएल 2025 के बीच में आया, उस समय जब उनकी रेड-बॉल फॉर्म को लेकर दबाव बढ़ने लगा था।
दरअसल, ऑस्ट्रेलिया का एक मुश्किल दौरा उनकी ऑफ स्टंप के बाहर बार-बार आउट होने पर लगातार उन पर नजर रखी जा रही थी। अपनी लय वापस पाने की कोशिश में उन्होंने रणजी ट्रॉफी में भी इस उम्मीद से हिस्सा लिया, ताकि सब कुछ ठीक हो जाए। लेकिन, वहां भी उनके बल्ले से रन नहीं बने। अंत में कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से हटने का फैसला किया, जिससे रेड-बॉल क्रिकेट के एक शानदार अध्याय का अचानक अंत हो गया।
123 टेस्ट मैचों में कोहली ने 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। 2011 में अपने डेब्यू के बाद से उन्होंने अपनी कप्तानी के दौरान आक्रामक सोच और जबरदस्त निरंतरता का मेल दिखाया। भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई और नए कीर्तिमान स्थापित किए और भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान के रूप में अपनी एक विरासत छोड़ी।
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि मैंने उनसे सीधे तौर पर कहा था कि उनमें अभी भी टेस्ट क्रिकेट बाकी है। टेस्ट क्रिकेट में अभी भी कुछ बचा था, लेकिन ठीक है, सच कहूं तो, भारत में लोगों की सोच को लेकर एक समस्या है।
‘विराट कोहली के लिए यह फैसला आसान नहीं था’
अश्विन ने कोहली के टेस्ट संन्यास पर अपनी बात जारी रखते हुए उनके टीम को सबसे पहले रखने वाले रवैये और रेड-बॉल क्रिकेट से हटने के मुश्किल फैसले पर बात की। साथ ही उन सम्मान और सिद्धांतों पर जोर दिया, जिन्होंने उनके करियर को परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि अगर आप इसे विराट के मूल्यों और सिद्धांतों के नजरिए से भी देखें, तो उन्होंने हमेशा टीम को सबसे पहले रखा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने हमेशा यही कहा कि टीम सबसे ज्यादा जरूरी है और हमें जीतना ही है। उन्होंने ये सारी बातें कही हैं। उनके लिए यह कहना कि ठीक है कि मैंने संन्यास ले लिया है, लेकिन अब मैं वापस आना चाहता हूं। यह फैसला लेना उनके लिए भी आसान नहीं है। लेकिन, मुझे पूरा यकीन है कि उनके अंदर अभी भी कुछ टेस्ट क्रिकेट बाकी है।
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