महाराष्ट्र के तटीय जिले पालघर में शनिवार की रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.5 मापी गई। झटके रात ठीक 9:11 बजे महसूस किए गए, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। हालांकि तीव्रता कम थी, लेकिन रात के समय शांति होने के कारण लोगों ने कंपन को महसूस किया। लोग घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप का केंद्र और गहराई
जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने जानकारी दी कि इस भूकंप का केंद्र (Epicenter) नासिक से लगभग 97 किमी पश्चिम में स्थित था। जमीन के नीचे इसकी गहराई महज 5 किमी दर्ज की गई। कम गहराई पर होने के कारण इसके झटके आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए। पालघर का यह क्षेत्र पहले से ही भूकंपीय क्षेत्र (Seismically Sensitive) के अंतर्गत आता है, जहां अक्सर ऐसे झटके आते रहते हैं।
जान-माल का नुकसान नहीं
भूकंप के झटके मुख्य रूप से तलासरी और धुंधालवाड़ी जैसे संवेदनशील बेल्ट में महसूस किए गए। कंपन होते ही लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा।
राहत की बात यह रही कि प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने की कोई सूचना नहीं मिली है। अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और नागरिकों से नहीं घबराने की अपील की गई है।
बता दें कि सन् 1993 में महाराष्ट्र के लातूर में भयंकर भूकंप आया जिससे किल्लारी व अन्य गांव तथा निकटवर्ती धाराशिव जिले के अन्य क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। इस आपदा में 10,000 लोगों की जान चली गई थी। भूकंप का केंद्र जबलपुर के 350 मील दक्षिण-पश्चिम में था।


