महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के पास बसने जा रही ‘तीसरी मुंबई’ के लिए भूमि अधिग्रहण और आवंटन नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस नीति पर मुहर लगाई गई। यह नया शहर अटल सेतु (MTHL) के पास विकसित किया जाएगा।
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को क्षेत्र के विकास के लिए 200 वर्ग किलोमीटर भूमि सौंपी गई है। तीसरे मुंबई की अवधारणा को काफी बढ़ावा मिलेगा।
जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी
महाराष्ट्र कैबिनेट के इस निर्णय से भूमि अधिग्रहण और वितरण के लिए एक स्पष्ट ढांचा मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और शहरी विकास परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन हो सकेगा।
इस परियोजना में नई नीति के अंतर्गत 22.5 प्रतिशत जमीन वापसी योजना लागू होगी। निजी जमीन आपसी सहमति से अधिग्रहित करते समय परियोजना प्रभावितों को विकसित भूखंड देने का प्रावधान रहेगा। यदि 22.5 प्रतिशत के तहत मिलने वाला भूखंड 40 वर्गमीटर से कम बनता है, तो संबंधित को नकद मुआवजा दिया जाएगा।
आधिकारिक बयान के अनुसार, यह निर्णय नव नियुक्त ‘न्यू टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी’ के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों और एमएमआरडीए द्वारा भविष्य में कार्यान्वित की जाने वाली परियोजनाओं पर लागू होगा। इस नीति का उद्देश्य एमटीएचएल के प्रभाव क्षेत्र में नियोजित विकास को सुगम बनाना है।
बता दें कि अटल सेतु मुंबई के सेवरी को नवी मुंबई के न्हावा शेवा से जोड़ता है। ‘तीसरी मुंबई’ भाजपा नीत सरकार की एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना है, इससे मुंबई में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में औद्योगिक व शहरी विस्तार का नया अध्याय शुरू होगा।


