नवादा गोवर्धन मंदिर के तृतीय वार्षिकोत्सव का दूसरा दिन शुक्रवार को मनाया गया। प्रातः 9 बजे से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान प्रारंभ हुए, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संध्या 6 बजे से आरती दर्शन, भजन संध्या और विभिन्न झांकियों का भव्य प्रदर्शन देर रात तक चला। आचार्य कुमार गौरव शुक्ल सहित अन्य विद्वान आचार्यों ने विधि-विधान से समस्त वेदियों का पूजन किया। इसके बाद प्रसाद पूजन, रुद्राभिषेक, तथा शिव जी महाराज और हनुमान जी महाराज का सहस्त्रार्चन अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान को नए वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित किया गया। उत्तर प्रदेश के कलाकारों द्वारा मंचीय प्रस्तुतियां शामिल मंदिर समिति के सचिव महेंद्र यादव ने बताया कि पूर्व श्रम राज्यमंत्री और मंदिर समिति के अध्यक्ष राजबल्लभ प्रसाद के निर्देशानुसार, मंदिर प्रतिष्ठा के वार्षिकोत्सव पर प्रति वर्ष भव्य आयोजन किया जाता है। इसमें ख्यातिलब्ध और विद्वान आचार्यों द्वारा देवी-देवताओं का विशेष अनुष्ठान तथा उत्तर प्रदेश के कलाकारों द्वारा मंचीय प्रस्तुतियां शामिल होती हैं। भजन संध्या गजानंद सरकार की वंदना से शुरू शुक्रवार की भजन संध्या गजानंद सरकार की वंदना से शुरू हुई, जिसके बाद एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुति के दौरान आकर्षक झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “शंकर जी का डमरू बाजे, पार्वती का नंदन नाचे” भजन पर गणेश जी के मनमोहक नृत्य ने श्रद्धालुओं में भक्ति का संचार किया। झांकियों का दर्शन भी श्रद्धालुओं ने किया काली, दुर्गा, सरस्वती, महादेव और हनुमान जैसे देवी-देवताओं की झांकियों के साथ-साथ देशभक्ति से ओतप्रोत झांकियों का दर्शन भी श्रद्धालुओं ने किया। पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजबल्लभ प्रसाद और सदर विधायक विभा देवी ने सभी कलाकारों की भक्तिमय प्रस्तुतियों का अभिवादन किया और कार्यक्रम की सफलता में लगे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। नवादा गोवर्धन मंदिर के तृतीय वार्षिकोत्सव का दूसरा दिन शुक्रवार को मनाया गया। प्रातः 9 बजे से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान प्रारंभ हुए, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संध्या 6 बजे से आरती दर्शन, भजन संध्या और विभिन्न झांकियों का भव्य प्रदर्शन देर रात तक चला। आचार्य कुमार गौरव शुक्ल सहित अन्य विद्वान आचार्यों ने विधि-विधान से समस्त वेदियों का पूजन किया। इसके बाद प्रसाद पूजन, रुद्राभिषेक, तथा शिव जी महाराज और हनुमान जी महाराज का सहस्त्रार्चन अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान को नए वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित किया गया। उत्तर प्रदेश के कलाकारों द्वारा मंचीय प्रस्तुतियां शामिल मंदिर समिति के सचिव महेंद्र यादव ने बताया कि पूर्व श्रम राज्यमंत्री और मंदिर समिति के अध्यक्ष राजबल्लभ प्रसाद के निर्देशानुसार, मंदिर प्रतिष्ठा के वार्षिकोत्सव पर प्रति वर्ष भव्य आयोजन किया जाता है। इसमें ख्यातिलब्ध और विद्वान आचार्यों द्वारा देवी-देवताओं का विशेष अनुष्ठान तथा उत्तर प्रदेश के कलाकारों द्वारा मंचीय प्रस्तुतियां शामिल होती हैं। भजन संध्या गजानंद सरकार की वंदना से शुरू शुक्रवार की भजन संध्या गजानंद सरकार की वंदना से शुरू हुई, जिसके बाद एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुति के दौरान आकर्षक झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “शंकर जी का डमरू बाजे, पार्वती का नंदन नाचे” भजन पर गणेश जी के मनमोहक नृत्य ने श्रद्धालुओं में भक्ति का संचार किया। झांकियों का दर्शन भी श्रद्धालुओं ने किया काली, दुर्गा, सरस्वती, महादेव और हनुमान जैसे देवी-देवताओं की झांकियों के साथ-साथ देशभक्ति से ओतप्रोत झांकियों का दर्शन भी श्रद्धालुओं ने किया। पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजबल्लभ प्रसाद और सदर विधायक विभा देवी ने सभी कलाकारों की भक्तिमय प्रस्तुतियों का अभिवादन किया और कार्यक्रम की सफलता में लगे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।


