नालंदा विवि में ‘चिंतन शिविर’ का आगाज:अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के रोडमैप पर हुई चर्चा, राज्यों के प्रतिनिधियों ने आइडिया दिया

नालंदा विवि में ‘चिंतन शिविर’ का आगाज:अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के रोडमैप पर हुई चर्चा, राज्यों के प्रतिनिधियों ने आइडिया दिया

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ की शुरुआत आज राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में हुई। अधिकारियों और राज्य के प्रतिनिधियों ने अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ‘एक्शन-ओरिएंटेड’ रोडमैप पर विचार-विमर्श किया। सत्र मुख्य रूप से तकनीकी और नीतिगत चर्चाओं पर केंद्रित रहा। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पांच प्रमुख विषयों- अवसंरचना विकास (पीएमजेवीके), सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, वक्फ प्रबंधन, हज प्रबंधन और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (NMDFC) की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और उनके समाधान पर राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले दिन आईआईटी दिल्ली की ‘फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ (FITT) टीम की ओर से प्रेजेंटेशन दिया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह सत्र आयोजित नहीं हो सका। इसके अलावा, हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित ‘हज सुविधा स्मार्ट रिस्ट बैंड’ की लॉन्चिंग भी पहले दिन नहीं हो सकी। अधिकारियों के अनुसार, अब गुरुवार को होने वाले सत्रों में डिजिटल पहलों पर फोकस रहेगा। आईएफ़सीआई (IFCI) और सर्वे ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। दिन का समापन बिहार की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम के साथ हुआ। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के शामिल होने की उम्मीद शिविर के दूसरे और अंतिम दिन गुरुवार को मुख्य सत्र का आयोजन होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू इस सत्र में शामिल होंगे। इस दौरान पीएमजेवीके मोबाइल एप्लिकेशन और मंत्रालय के पोर्टल पर एआई-संचालित चैटबॉट को लॉन्च किए जाने की योजना है। दूसरे दिन की शुरुआत योग सत्र से होगी, जिसके बाद नीतिगत सुधारों के लिए अंतिम सिफारिशें तैयार की जाएंगी। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ की शुरुआत आज राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में हुई। अधिकारियों और राज्य के प्रतिनिधियों ने अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ‘एक्शन-ओरिएंटेड’ रोडमैप पर विचार-विमर्श किया। सत्र मुख्य रूप से तकनीकी और नीतिगत चर्चाओं पर केंद्रित रहा। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पांच प्रमुख विषयों- अवसंरचना विकास (पीएमजेवीके), सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, वक्फ प्रबंधन, हज प्रबंधन और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (NMDFC) की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और उनके समाधान पर राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले दिन आईआईटी दिल्ली की ‘फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ (FITT) टीम की ओर से प्रेजेंटेशन दिया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह सत्र आयोजित नहीं हो सका। इसके अलावा, हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित ‘हज सुविधा स्मार्ट रिस्ट बैंड’ की लॉन्चिंग भी पहले दिन नहीं हो सकी। अधिकारियों के अनुसार, अब गुरुवार को होने वाले सत्रों में डिजिटल पहलों पर फोकस रहेगा। आईएफ़सीआई (IFCI) और सर्वे ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। दिन का समापन बिहार की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम के साथ हुआ। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के शामिल होने की उम्मीद शिविर के दूसरे और अंतिम दिन गुरुवार को मुख्य सत्र का आयोजन होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू इस सत्र में शामिल होंगे। इस दौरान पीएमजेवीके मोबाइल एप्लिकेशन और मंत्रालय के पोर्टल पर एआई-संचालित चैटबॉट को लॉन्च किए जाने की योजना है। दूसरे दिन की शुरुआत योग सत्र से होगी, जिसके बाद नीतिगत सुधारों के लिए अंतिम सिफारिशें तैयार की जाएंगी।  

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