रतलाम. सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है, इसे रोकने के लिए जिले में नि:शुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन 28 फरवरी से शुरू किया गया जो 90 दिन तक किया जाएगा। वैक्सीनेशन के लिए ऐसी सभी बालिका जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है एवं 15 जन्मदिन नहीं मनाया है, वे नि:शुल्क वैक्सीनेशन करवा सकती है ।
वैक्सीनेशन कराने के लिए यू विन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराया जा सकता है या सीधे केंद्र पर आकर भी वैक्सीनेशन कराया जा सकता है। वैक्सीनेशन के लिए आयु संबंधी कोई भी प्रमाण पत्र अथवा स्वयं के घोषणा पत्र के आधार पर भी सहजता से वैक्सीनेशन कराया जा सकता है। 90 दिन में 18917 बच्चों को वैक्सीनेशन किया जाना हैं। अब तक 18 दिन में कुल 971 बालिकाओं ने वैक्सीन लगाया जा चुका हैं।
जिले में अब तक 971 को लगे वैक्सीन
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 971 बालिकाओं का वैक्सीनेशन किया है। सिविल अस्पताल आलोट में 134, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ताल में 129, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाजना में 77, सिविल अस्पताल जावरा में 228, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपलोदा में 185, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली में 50, बाल चिकित्सालय रतलाम में 82, मेडिकल कॉलेज रतलाम में 10, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैलाना में 76 बालिकाओं का वैक्सीनेशन किया है।
सीएमएचओ ने कहा वैक्सीनेशन पूरी तरह सुरक्षित
सीएमएचओ ने शंका समाधान करते हुए स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीनेशन पूरी तरह सुरक्षित है। यदि किसी के घर में कैंसर संबंधी कोई मरीज नहीं है, तब भी एचपीवी का वैक्सीनेशन कराया जाना आवश्यक है, ताकि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो सके। एचपीवी का टीका प्रजनन क्षमता को बिल्कुल प्रभावित नहीं करता है, एचपीवी का टीका मासिक धर्म पर कोई प्रभाव नहीं डालता है, बल्कि मासिक धर्म होने के दौरान भी एचपीवी का टीका लगवाया जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का गार्डशील का एक बार वैक्सीनेशन करना पर्याप्त है। एचपीवी का टीका सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने में 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावशीलता प्रदान करता है। सीएमएचओ सभी अभिभावकों से अपनी 14 वर्षीय बालिका का नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन करने का आग्रह किया है।


