सीकर की ये 4 आवासीय योजना, UIT की चंदपुरा स्कीम को फिर मिली रफ्तार, 16.50 हेक्टेयर में बनेगी कॉलोनी

शिक्षानगरी सीकर में आशियाने की बढ़ती उम्मीदों के बीच यूआइटी ने फिर से चंदपुरा आवासीय योजना के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है। यूआइटी ने स्थापना के बाद सबसे पहले भैरूपुरा आवासीय योजना का खाका तैयार किया था। लेकिन जमीनी विवाद की वजह से यह योजना कागजों में उलझकर रह गई।

अब यूआइटी ने चंदपुरा आवासीय योजना पर मुहर लगाते हुए जमीन के सीमांकन की कवायद तेज कर दी है। यहां लगभग 16.50 हैक्टेयर भूमि पर आवासीय योजना डवलप की जानी है। मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद चंदपुरा आवासीय योजना का नक्शा तैयार किया जाएगा।

सरकारें बदली, लेकिन नहीं पूरी हो सकी उम्मीदें

1. गोविन्द नगर आवासीय योजना: दो साल बाद लौटाए पैसे

    यूआइटी की ओर से लगभग 13 साल पहले शहवासियों को इस योजना का सपना दिखाया गया। इस योजना के लिए सीकर, चूरू, झुंझुनूं, नागौर व बीकानेर के 900 से अधिक परिवारों ने आवेदन किए। दो साल तक यूआइटी भूखण्डों की नीलामी नहीं कर सकी। इसके बाद लोगों को पैसा लौटना शुरू कर दिया गया। मामला अब तक विवादों में उलझा हुआ है।

    2. चंदपुरा आवासीय योजना: 2013 से हो रहे दावे-वादे

      जगमलापुरा व चंदपुरा आवासीय योजना का प्रोजेक्ट भी यूआइटी की ओर से वर्ष 2013 में तैयार किया गया। इस योजना के जरिए शहरवासियों के आशियाने की आस पूरी करने की उम्मीद पूरी करने का वादा किया गया। लेकिन यह योजना भी अभी तक कागजों से बाहर नहीं आ सकी है। अब यूआटी ने चंदपुरा योजना के प्रस्ताव को फिर से आगे बढ़ाया है।

      3. भैरूपुरा व्यावसायिक योजना: विवाद में उलझा मामला

        केन्द्रीय स्कूल सबलपुरा के पास में यूआइटी ने व्यावसायिक योजना तैयार की। इस प्रोजेक्ट को लेकर भी शहरवासियों में काफी उत्साह था। लेकिन यूआइटी का यह प्रोजेक्ट भी अब तक धरातल पर नहीं आ सका है।

        4. सांवली रोड आवासीय योजना: विरोध के बाद यूटर्न

          शहरवासियों की आशियाने की लगातार बढ़ती मांग के बाद यूआइटी ने साढ़े तीन साल पहले सांवली रोड इलाके में किसानों से जमीन लेकर कॉलोनी बसाने की योजना शुरू की। किसानों के विरोध के बाद यूआइटी को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। इस मामले भी यूआइटी अभी तक कोई फैसला नहीं कर सकी है।

          कॉलोनी की सीमांकन का काम पूरा: यूआइटी सचिव

          चंदपुरा आवासीय योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। फाइल को मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद साइट प्लान तैयार कराया जाएगा। इसके बाद जगमालपुरा आवासीय योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

          जगदीश गौड़, सचिव, यूआइअी, सीकर

          शहरवासी बोले, महंगी हो रही जमीन, चाहिए सरकारी कॉलोनी

          केस एक: नेशनल यूथ अवार्डी सुदेश पूनियां ने बताया कि शिक्षानगरी में जमीनों के भावों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में सरकारी कॉलोनी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। यूआइटी को चंदपुरा के अलावा जगमलापुरा, भैरूपुरा आदि योजना को जल्द धरातल पर लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी कॉलोनी पर लोन आसानी से होने की वजह से कर्मचारी वर्ग को भी इंतजार है।

          केस दो: शिक्षा के दम पर सीकर की पहचान देशभर में मजबूत हो रही है। मानवाधिकार संगठन के राजकुमार किरड़ीवाल ने बताया कि जेडीए की तर्ज पर यूआइटी को लगातार कॉलोनी डवलप करनी चाहिए। इससे शहरवासियों का आसानी से आशियाने का सपना पूरा हो सकता है।

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