MP Forest Force Chief Race: मध्यप्रदेश को मार्च 2026 में नया वन बल प्रमुख मिलेगा। अभी यह कमान वीएन अंबाड़े के पास है, जो 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बता दें कि, वन विभाग में वन बल प्रमुख वरिष्ठता के आधार पर बनाया जाता है। शुरू से यह परंपरा चली आ रही है। यदि यह नहीं टूटती है तो 1989 बैच के आइएफएस एचयू खान ही अगले वन बल प्रमुख होंगे।
वन प्रमुख के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि वे पांच महीने ही इस पद पर रह पाएंगे, उसके पाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे। अगला नंबर 1990 के आइएफएस विभाष कुमार ठाकुर का लग सकता है, लेकिन उनके पास भी 7 से 8 महीने ही होंगे। यदि वरिष्ठता क्रम नहीं टूटता है तो 1991 बैच के शुभरंजन सेन लंबे समय बाद पहले ऐसे वन बल प्रमुख हो सकते हैं जिन्हें सवा साल मिलेगा। शासन स्तर पर नए वन बल प्रमुख के चयन को लेकर प्रक्रिया तेज हो चुकी है। कुछ नामों पर चर्चा भी की जा रही है। (MP News)
कम अवधि के वन बल प्रमुख, इसलिए प्रभावित हो रहे काम
वर्षों से मप्र में वन बल प्रमुखों का कार्यकाल बहुत कम अवधि का रहा है। इसका विपरित असर वनों और वन्यप्राणियों के संरक्षण पर पड़ रहा है। कई वन विभाग के बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में भी अतिरिक्त समय लगता है। आइएफएस वीएन अंबाड़े के पहले असीम श्रीवास्तव वन बल प्रमुख थे, उन्हें भी कम समय मिला, उनके पहले के वन बल प्रमुखों के साथ भी ऐसा ही हुआ।
ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि जब वन बल प्रमुख बनाए जाते हैं, उसके कुछ ही समय बाद इन अफसरों की उम्र 60 साल हो जाती है, इसलिए सेवानिवृत्त हो जाते हैं। हालांकि वरिष्ठता क्रम को ही आधार मानकर प्रमुख बनाया जाता है तो आइएफएस समीता राजौरा के बाद बनाए जाने वाले वन बल प्रमुखों को 2 से 4 साल तक का समय मिलेगा।
सीनियरिटी में इन आइएफएस के नाम आगे
- एचयू खान (1989 बैच)
- विभाष ठाकुर (1990 बैच)
- शुभरंजन सेन (1991 बैच)
- समीता राजौरा (1992 बैच)
तो पहली महिला प्रमुख होंगी समीता राजौरा
वरिष्ठता क्रम को आधार माना जाता है तो शुभरंजन सेन के सेवानिवृत्त होने के बाद 1992 बैंच की आइएफएस समीता राजौरा को बन बल प्रमुख बनाया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो वे प्रदेश की पहली महिला वन बल प्रमुख होंगी। (MP News)


