बिहार में प्री-मानसून से पहले मौसम में उतार-चढ़ाव का असर दिखने लगा है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य का मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। डेहरी में अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया। पटना में शुक्रवार को सुबह से तेज धूप ने परेशान किया। दोपहर में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री तक पहुंच गया। शाम होते-होते अचानक धूलभरी आंधी चली, जिससे दृश्यता घट गई और सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अप्रैल से राज्य के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में मौसम तेजी से बदलेगा। इस दौरान 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है। 6 और 7 अप्रैल को कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। 7 अप्रैल के बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। अलर्ट रहें जो फसल कट चुकी है, उसे खुले खलिहान में न छोड़ें। तिरपाल का इंतजाम रखें। ओलावृष्टि से पशुओं और फसलों को नुकसान हो सकता है। सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। आंधी के दौरान खेतों में कीटनाशक का छिड़काव न करें। वज्रपात के समय भूलकर भी ऊंचे पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे न रुकें। घर के भीतर टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरणों के प्लग निकाल दें। झुग्गी-झोपड़ी या टिन शेड वाले मकानों में रहने वाले लोग पक्के निर्माण की शरण लें। बिहार में प्री-मानसून से पहले मौसम में उतार-चढ़ाव का असर दिखने लगा है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य का मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। डेहरी में अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया। पटना में शुक्रवार को सुबह से तेज धूप ने परेशान किया। दोपहर में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री तक पहुंच गया। शाम होते-होते अचानक धूलभरी आंधी चली, जिससे दृश्यता घट गई और सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अप्रैल से राज्य के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में मौसम तेजी से बदलेगा। इस दौरान 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है। 6 और 7 अप्रैल को कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। 7 अप्रैल के बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। अलर्ट रहें जो फसल कट चुकी है, उसे खुले खलिहान में न छोड़ें। तिरपाल का इंतजाम रखें। ओलावृष्टि से पशुओं और फसलों को नुकसान हो सकता है। सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। आंधी के दौरान खेतों में कीटनाशक का छिड़काव न करें। वज्रपात के समय भूलकर भी ऊंचे पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे न रुकें। घर के भीतर टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरणों के प्लग निकाल दें। झुग्गी-झोपड़ी या टिन शेड वाले मकानों में रहने वाले लोग पक्के निर्माण की शरण लें।


